बुलंदशहर। थाना जहांगीराबाद क्षेत्र में नाबालिग किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने और उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के मामले में अदालत ने आरोपी जैद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश मनोज कुमार मिश्रा ने आरोपी पर करीब तीन लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि में से दो लाख रुपये पीड़िता को दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

मामले के अनुसार, जहांगीराबाद थाना क्षेत्र निवासी महिला ने 13 अप्रैल 2024 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह परिजनों के साथ खेत पर गेहूं की कटाई करने गई थी। इसी दौरान उसकी नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। आरोप है कि मौका पाकर मोहल्ला रोगन निवासी जैद कार से पहुंचा और किशोरी को अपने साथ ले गया।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी किशोरी को पहले अलीगढ़ और फिर आगरा ले गया, जहां एक होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद उसे अजमेर ले जाने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया।

पुलिस जांच के दौरान मोबाइल फोन की लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए और उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।

अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के बाद न्यायाधीश मनोज कुमार मिश्रा ने जैद को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा करीब तीन लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड में से दो लाख रुपये पीड़िता को दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, आरोपी के भाई शोएब और पिता छुट्टन को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने बरी कर दिया।

फैसले के बाद दोषी जैद को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया। मामले में अदालत का फैसला नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोपों से जुड़े मुकदमे की न्यायिक प्रक्रिया में सामने आया है।

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