एटा में रंजिश के तहत युवक को मारी गोली, चार आरोपियों पर केस दर्ज
जैथरा के नगला प्रेमी गांव में सो रहे युवक पर फायरिंग का मामला, पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस समेत तीन टीमें गठित कीं।
तस्वीर में अस्पताल के बिस्तर पर लेटे घायल व्यक्ति की जांघ पर पट्टी बंधी है।
एटा के थाना जैथरा क्षेत्र के ग्राम नगला प्रेमी में पुराने जमीनी विवाद को लेकर चारपाई पर सो रहे युवक नीरज को गोली मारने के मामले में 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद चारों नामजद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने आरोपियों की तलाश और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए सर्विलांस, एसओजी और थाना स्तर की तीन टीमें गठित की हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार में आक्रोश है।
घायल नीरज पुत्र ऋषिपाल को गोली दाहिनी जांघ में लगी थी। गंभीर हालत में उसे जैथरा सीएचसी से मेडिकल कॉलेज एटा रेफर किया गया था। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुरानी जमीनी रंजिश के चलते आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से नीरज को निशाना बनाया।
पुलिस को दी गई तहरीर में नीरज के भाई उमेश पुत्र ऋषिपाल निवासी नगला प्रेमी ने बताया कि 29 सितंबर 2026 को शाम करीब छह बजे देशराज, अनिल और विमल पुत्रगण कश्मीर तथा बॉबी पुत्र राजपाल उनके दरवाजे पर आए थे। आरोप है कि पुरानी जमीनी रंजिश को लेकर उक्त लोगों ने गाली-गलौज की और वहां से चले गए।
उमेश के अनुसार, परिवार के लोगों ने विवाद बढ़ने की आशंका के चलते उस समय मामले को शांत रखा। इसके बाद रात करीब 11 बजे उसका बड़ा भाई नीरज घर के सामने बनी झोपड़ी में चारपाई पर सो रहा था।
आरोप है कि इसी दौरान नामजद लोग असलहों के साथ वहां पहुंचे और बॉबी पुत्र राजपाल ने नीरज की हत्या करने की नीयत से उस पर गोली चला दी। गोली नीरज की दाहिनी जांघ में लगी। फायरिंग की आवाज सुनकर उमेश तत्काल बाहर आया तो नीरज घायल अवस्था में पड़ा मिला। उमेश के मुताबिक, उसके बाहर आने तक आरोपी मौके से भाग चुके थे।
घटना के बाद उमेश जैथरा थाने पहुंचा और पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने देशराज पुत्र कश्मीर, अनिल पुत्र कश्मीर, विमल पुत्र कश्मीर और बॉबी पुत्र राजपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 और 109(1) लगाई गई हैं।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि जमीन को लेकर पहले से विवाद और मुकदमेबाजी चली आ रही है। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि पूर्व में भी संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए थे। उनका दावा है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण विवाद बढ़ता गया और अब गोलीकांड की घटना सामने आई।
घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद चारों नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार में नाराजगी है। गोलीकांड जैसी गंभीर घटना के बाद भी आरोपियों का पुलिस की पकड़ से बाहर रहना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के सफल अनावरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ-साथ तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
मामले में जैथरा के थानाध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा से कई बार फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद मामले में अलीगंज क्षेत्राधिकारी राजेश सिंह से जानकारी ली गई।
सीओ राजेश सिंह ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। इनमें एक सर्विलांस टीम, एक एसओजी टीम और एक थाना स्तर की टीम शामिल है। प्रत्येक टीम अपने-अपने स्तर से साक्ष्य संकलित कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस जल्द ही घटना का सफल अनावरण करेगी। फिलहाल चारों नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना की जांच पुलिस के सामने प्रमुख कार्रवाई बनी हुई है।