बुलंदशहर में 1.22 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में गिरफ्तार इनामी अपराधी होशियार सिंह और उसके साथी रिंकू कुमार को पुलिस ने मीडिया के सामने पेश किया।   

बुलंदशहर में फर्जी फर्म बनाकर करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में पुलिस ने 25,000 रुपये के इनामी अपराधी होशियार सिंह और उसके साथी रिंकू कुमार उर्फ टिंकू को गिरफ्तार किया है। दोनों पर फर्जी सप्लायर फर्म सनशाइन एंटरप्राइजेज (Sunshine Enterprises) तैयार कर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पासऑन करने के मामले में राजस्व क्षति पहुंचाने में सहयोग करने का आरोप है। पुलिस ने 21 अक्टूबर 2026 को दोनों को थाना चोला क्षेत्र के नंगलाबंशी मोड़ से गिरफ्तार किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलंदशहर दिनेश कुमार सिंह के निर्देशन में जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक अपराध नरेश कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। इस कार्रवाई में शिव आसरे सिंह, संयुक्त आयुक्त (विविध अनुशासन), राज्य कर विभाग बुलंदशहर की टीम, साइबर क्राइम टीम और थाना चोला पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। गिरफ्तार होशियार सिंह पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से 25,000 रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने फर्जी सप्लायर फर्म सनशाइन एंटरप्राइजेज तैयार की थी। इसके माध्यम से थाना ककोड़ क्षेत्र के जेवर रोड स्थित तनु एंटरप्राइजेज (Tanu Enterprises) को फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पासऑन की गई। आरोपियों द्वारा वर्ष 2025-2026 में इस फर्जी फर्म के जरिए कुल 12185878.36 रुपये की राजस्व क्षति कारित करने में सहयोग किया गया। यह राशि करीब एक करोड़ 22 लाख रुपये है।

इस मामले में थाना ककोड़ पर मुकदमा संख्या 471/25 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 338, 336(3), 340(2), 318(4) और 61(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66D के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की जांच के दौरान इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

इस प्रकरण में फर्जी फर्म तनु एंटरप्राइजेज और सनशाइन एंटरप्राइजेज का पंजीकरण कराने वाले छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनमें पवन भाटी पुत्र उदयवीर सिंह निवासी ग्राम नगला बंशी, थाना चोला, जनपद बुलंदशहर; विवेक शर्मा पुत्र धीरेन्द्र कुमार शर्मा निवासी महमूदपुर वीछट, थाना ककोड़, जनपद बुलंदशहर; कुमारी तनु पुत्री कमल किशोर निवासी ग्राम गांगरौल, थाना चोला, जनपद बुलंदशहर; दीपा रघुवंशी पत्नी अरुण रघुवंशी निवासी श्वेता अपार्टमेंट, प्लॉट नंबर 3/144, फ्लैट LIG 100, सेक्टर 2, राजेंद्रनगर, गाजियाबाद; समर चौधरी पुत्र बिजेंद्र निवासी मांडोली, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली, हाल निवासी ग्राम काजमपुर, थाना मोदीनगर, गाजियाबाद; और सुरेंद्र पुत्र धर्मवीर निवासी ग्राम काजमपुर, थाना मोदीनगर, गाजियाबाद, हाल निवासी श्वेता अपार्टमेंट, प्लॉट नंबर 3/144, फ्लैट LIG 100, सेक्टर 2, राजेंद्रनगर, गाजियाबाद शामिल हैं। इन आरोपियों को 23 जनवरी 2026 और 27 जुलाई 2026 को जेल भेजे जाने का विवरण दिया गया है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी होशियार सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ थाना क्वार्सी, जनपद अलीगढ़ में मुकदमा संख्या 151/16 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 328, 379, 411, 413 और 414 में मामला दर्ज है। इसके अलावा थाना ककोड़, जनपद बुलंदशहर में मुकदमा संख्या 471/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 338, 336(3), 340(2), 318(4) और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं 66C और 66D के तहत मामला दर्ज है।

रिंकू कुमार उर्फ टिंकू का आपराधिक इतिहास भी दर्ज है। उसके खिलाफ थाना सेक्टर 58, फरीदाबाद, हरियाणा में मुकदमा संख्या 659/18 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25 में मामला दर्ज है। इसके अतिरिक्त थाना ककोड़, जनपद बुलंदशहर में मुकदमा संख्या 471/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 338, 336(3), 340(2), 318(4) और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत भी मामला दर्ज है।

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में थाना चोला पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है। जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई भी करेगी।

इस कार्रवाई में थाना चोला के प्रभारी निरीक्षक दिग्विजय नाथ शाही, वरिष्ठ उपनिरीक्षक कपिल बालियान, उपनिरीक्षक संदीप सरोज, साइबर सेल बुलंदशहर के उपनिरीक्षक पंकज चौधरी, हेड कांस्टेबल जहूर अली और कांस्टेबल राहुल सिंह, हिमांशु चौहान, नीलेश तथा सलमान शामिल रहे। फर्जी फर्मों के जरिए जीएसटी चोरी और राजस्व क्षति के इस मामले में दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों पर केंद्रित है।

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