हापुड़ के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में व्यापारी से मारपीट और दुकान हड़पने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते प्रदर्शनकारी।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में दुकानदार संदीप शर्मा के साथ मारपीट कर उनकी दुकान पर जबरन ताला लगाने और करीब 5 लाख रुपये का सामान हड़पने के आरोप को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। घटना के तीन दिन बाद भी स्थानीय कोतवाली पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने से नाराज श्री ब्राह्मण सभा, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों और सर्व समाज के सैकड़ों लोगों ने बुधवार सुबह पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, घटना 18 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे की है। आरोप है कि कुछ लोग संदीप शर्मा की दुकान पर पहुंचे और जबरन ताला लगा दिया। दुकान के अंदर करीब 5 लाख रुपये का सामान रखा हुआ था। दुकान पर ताला लगाए जाने और सामान हड़पने की नीयत की जानकारी मिलने पर संदीप शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपियों से ताला खोलने और सामान वापस करने को कहा।

आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने संदीप शर्मा के साथ मारपीट की और उन्हें रेलिंग से नीचे गिराने का प्रयास किया। मारपीट में उनकी आंख और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद तीन दिन बीत जाने के बावजूद स्थानीय कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसी को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई।

बुधवार सुबह एडवोकेट ठाकुर दीपक सिंह चौहान, श्री ब्राह्मण सभा और भाकियू के पदाधिकारियों के नेतृत्व में सैकड़ों लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। घटना में कथित मारपीट, दुकान पर जबरन ताला लगाने और सामान हड़पने के आरोपों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई।

हंगामे की सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक महेश कुमार, सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी और थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद मीटिंग रूम में पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि घटना के तीन दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं होना स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

मामले में बढ़ते तनाव को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लोगों को शांत कराया। अपर पुलिस अधीक्षक महेश कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर वह स्वयं पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे। जांच के दौरान दोनों पक्षों से पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस विरोध प्रदर्शन और धरने में एडवोकेट दीपक चौहान, सभासद रुद्राक्ष त्यागी, भाकियू (देशहित) के संरक्षक नीरज गुर्जर, भाकियू (भानु) युवा विंग के जिलाध्यक्ष रितिक त्यागी, राजेश्वर त्यागी, मनोज भारद्वाज, पीड़ित संदीप शर्मा, मनिक मुखिया, दीनू ठाकुर, रोहित सिरोही, बोबी पाठक, प्रशांत त्यागी, पवन शर्मा, रतनलाल शर्मा, विक्की शर्मा, प्रशांत शर्मा, पुनीत शर्मा, विकास शर्मा गुड्डू, प्रेमवीर चौधरी, जयविंदर गुर्जर, डॉ. करुण शर्मा और निशांक शर्मा समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

फिलहाल, मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। अब जांच में दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपों की पड़ताल की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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