खेरवाड़ा में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों का जिला कलक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन, स्थायी छात्रावास हेतु भूमि आवंटन पर मिला सकारात्मक आश्वासन
खेरवाड़ा में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने स्थायी छात्रावास के लिए भूमि आवंटन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जिला कलक्टर ने एक माह में अस्थायी व्यवस्था और भूमि आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
तस्वीर में समिधा दृष्टि-दिव्यांग मिशन का बैनर पकड़े दृष्टिबाधित विद्यार्थी हाथ उठाकर प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगें उठाते नजर आ रहे हैं।
खेरवाड़ा में अपने सुरक्षित भविष्य और बेहतर शिक्षा के अधिकार की मांग को लेकर गुरुवार को समिधा संस्थान, उदयपुर द्वारा संचालित समिधा दृष्टि दिव्यांग छात्रावास के बड़ी संख्या में दृष्टिबाधित विद्यार्थी जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचे। विद्यार्थियों ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करते हुए छात्रावास भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटन की मांग उठाई और नारेबाजी कर प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के बाद संस्थान के प्रभारी सखाराम मेघवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में छात्रावास में बड़ी संख्या में दृष्टिबाधित विद्यार्थी निवास कर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण मौजूदा भवन अपर्याप्त हो गया है। सीमित संसाधनों और भवन की जर्जर स्थिति के चलते विद्यार्थियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्थायी छात्रावास भवन के निर्माण के लिए भूमि आवंटन अत्यंत आवश्यक है।
ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करते हुए जिला कलक्टर महोदय ने विद्यार्थियों को सकारात्मक आश्वासन दिया कि उनकी मांग पूरी करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जब तक स्थायी भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक यदि किसी सरकारी विद्यालय अथवा अन्य सरकारी विभाग की उपयुक्त खाली भूमि या भवन उपलब्ध होगा, तो एक माह के भीतर विद्यार्थियों के लिए अस्थायी व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही स्थायी भूमि आवंटन की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
जिला कलक्टर के इस आश्वासन के बाद विद्यार्थियों के चेहरों पर उम्मीद की नई किरण दिखाई दी। संस्थान के प्रभारी सखाराम मेघवाल ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन का यह संवेदनशील रवैया दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि शीघ्र ही विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं स्थायी छात्रावास की सुविधा उपलब्ध होगी।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में दृष्टिबाधित विद्यार्थी, संस्थान के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, सम्मान और सुरक्षित आवास के अपने अधिकार के लिए है। जिला कलक्टर के आश्वासन के साथ अब विद्यार्थियों की निगाहें स्थायी छात्रावास के लिए भूमि आवंटन और अस्थायी व्यवस्था के शीघ्र क्रियान्वयन पर टिकी हैं।