उदयपुर में नम्रता कौशल विकास केंद्र की राखी प्रदर्शनी का शुभारंभ, वनवासी बहनों के हुनर को मिला सम्मान
उदयपुर में नम्रता कौशल विकास केंद्र की राखी प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। वनवासी बहनों के हस्तनिर्मित उत्पादों को सराहना मिली, प्रदर्शनी 2 अगस्त तक आमजन के लिए खुली रहेगी।
राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद कार्यालय उदयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठीं अतिथि।
राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद कार्यालय में संचालित नम्रता कौशल विकास केंद्र द्वारा आयोजित "राखी प्रदर्शनी" का शुभारंभ मंगलवार को गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, निवृत्ति कुमारी मेवाड़, विजयलक्ष्मी (कैट) तथा सीमा जी (लघु उद्योग भारती) ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और जनजाति बहनों के कौशल की सराहना की।
कार्यक्रम का परिचय डॉ. राधिका लढा ने दिया। उन्होंने कमली ट्राइब्स एवं राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद द्वारा वनवासी क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास तथा आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने अपने उद्बोधन में जनजाति अंचल की महिलाओं के कला कौशल की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें प्रोत्साहन देकर और आत्मनिर्भर बनाकर ही समाज कल्याण की अवधारणा को वास्तविक रूप दिया जा सकता है।
निवृत्ति कुमारी मेवाड़ ने कहा कि राजपरिवार और वनवासी समाज का संबंध सदैव आत्मीय रहा है। उन्होंने बताया कि उनका वनवासी समाज से विशेष जुड़ाव रहा है तथा वनवासी बहनों द्वारा तैयार किए जा रहे हस्तनिर्मित उत्पाद अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं, बल्कि उनकी कला और परंपरा को भी नई पहचान दे रहे हैं। साथ ही इस अभियान को हरसंभव सहयोग एवं प्रोत्साहन देने का आश्वासन भी दिया।
कैट की प्रतिनिधि विजयलक्ष्मी ने कहा कि कमली ट्राइब्स का कार्य प्रेरणादायी है। उन्होंने भविष्य में इन उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने तथा विपणन के नए अवसर उपलब्ध कराने का विश्वास दिलाया। लघु उद्योग भारती की सीमा जी सहित अन्य अतिथियों ने भी वनवासी बहनों के कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए भविष्य में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
प्रदर्शनी के दौरान निवृत्ति कुमारी मेवाड़ ने सभी बहनों से आत्मीयता के साथ संवाद किया, उनके साथ व्यक्तिगत रूप से फोटो खिंचवाए तथा प्रत्येक स्टॉल का अवलोकन किया। उनके सरल, सादगीपूर्ण एवं विनम्र व्यवहार की उपस्थित कार्यकर्ताओं और बहनों ने सराहना की। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित राखियों एवं अन्य उत्पादों की विशेष प्रशंसा करते हुए बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से कमली ट्रस्ट द्वारा निर्मित राखियां ही उपयोग करती आ रही हैं।
कार्यक्रम में राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री जगदीश कुलमी, सह संगठन मंत्री हररतन डामोर, महामंत्री वीरेन्द्र प्रकाश पंचोली, कोषाध्यक्ष रमेश्चंद्र मुदडा, संरक्षक गोपल लाल कुमावत, कार्यकर्ता, वनांचल शिक्षा समिति के कोषाध्यक्ष दिनेश बम, समिति व्यवस्था प्रमुख घेवरचंद, बप्पारावल जाग्रति संस्थान के अध्यक्ष भंवरलाल शर्मा, कोषाध्यक्ष राजेंद्र प्रकाश शर्मा, कमली ट्रस्ट से जुड़ी बहनें तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित नम्रता कौशल विकास केंद्र की यह राखी प्रदर्शनी 2 अगस्त तक राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद कार्यालय में आमजन के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में वनवासी बहनों द्वारा निर्मित आकर्षक हस्तनिर्मित एवं डिज़ाइनर राखियों के साथ कमली ट्रस्ट के विभिन्न उत्पाद भी उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर नागरिकों से प्रदर्शनी में पहुंचकर स्वदेशी एवं हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीद के माध्यम से वनवासी बहनों का उत्साहवर्धन करने का आग्रह किया गया। साथ ही "एक राखी सैनिक के नाम" अभियान के अंतर्गत देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों को राखी भेजने के इस अभियान में अधिक से अधिक लोगों से सहभागी बनने की अपील की गई।