गोगुंदा में शारीरिक शिक्षकों की जिला स्तरीय संगोष्ठी शुरू, खेल नवाचारों पर हुआ मंथन
गोगुंदा में प्रारंभिक शिक्षा के शारीरिक शिक्षकों की दो दिवसीय जिला स्तरीय संगोष्ठी शुरू हुई। कार्यक्रम में खेल नवाचार, शिक्षकों की समस्याएं, प्रतियोगिताओं की कार्ययोजना और सम्मान समारोह प्रमुख आकर्षण रहे।
तस्वीर में गोगुंदा के बादल रिजॉर्ट में आयोजित जिला स्तरीय शारीरिक शिक्षक सत्रारंभ संगोष्ठी के दौरान मंच पर मौजूद अतिथि और शिक्षक नजर आ रहे हैं।
उदयपुर, 29 जुलाई। "स्वस्थ तन, स्वस्थ मन, सशक्त राष्ट्र" की थीम पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) उदयपुर के आदेशानुसार प्रारंभिक शिक्षा के शारीरिक शिक्षकों की दो दिवसीय जिला स्तरीय सत्रारंभ संगोष्ठी (वाक्पीठ) बुधवार को गोगुंदा स्थित बादल रिजॉर्ट में शुरू हुई। संगोष्ठी में जिले के सभी ब्लॉकों के शारीरिक शिक्षकों ने भाग लिया।
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, ओबरा कलां (गोगुंदा) के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में गोगुंदा उपप्रधान लक्ष्मण सिंह झाला मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विजयलक्ष्मी सारस्वत ने की।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कपिल श्रीमाली एवं गणपत पालीवाल, विधायक प्रतिनिधि शिवशंकर पालीवाल, ब्लॉक अध्यक्ष नवल सिंह चडाना, स्थानीय सरपंच अंबालाल गमेती, जिला वाक्पीठ अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया, सचिव जगन्नाथ सिंह चुंडावत, उपाध्यक्ष प्रवीण जैन, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री भेरूसिंह राठौड़, जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह झाला, संरक्षक हीरालाल सुथार, सभाध्यक्ष महावीर सिंह झाला, प्रारंभिक शिक्षा खेलकूद संचालन समिति के प्रभारी युगल किशोर शर्मा, हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड राजस्थान राज्य के संभाग आयुक्त गोपाल मेहता मेनारिया, माध्यमिक शिक्षा शारीरिक शिक्षक वाक्पीठ अध्यक्ष गोपाल सिंह, आयोजक विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गोगुंदा ब्लॉक अध्यक्ष भवानीशंकर पालीवाल, प्रबोधक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह सारंगदेवोत तथा गोगुंदा ब्लॉक शारीरिक शिक्षक अध्यक्ष मदन सुथार उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि लक्ष्मण सिंह झाला ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शारीरिक शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेल एवं शारीरिक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला हैं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विजयलक्ष्मी सारस्वत ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में शारीरिक शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों का ध्यान मोबाइल से हटाकर खेलों की ओर आकर्षित करना है, तो इसमें शारीरिक शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है।
जिला मीडिया प्रभारी गोपाललाल मेहता ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस दौरान अतिथियों का पाग, उपरणा एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। स्थानीय विद्यालय ओबरा खुर्द की बालिकाओं ने घूमर नृत्य तथा छात्र लोकेश मेघवाल ने लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह झाला ने कहा कि उदयपुर जिले के शारीरिक शिक्षक संगठित एवं एकजुट हैं तथा संगठन सदैव शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
जिला वाक्पीठ अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया ने बताया कि आगामी सत्र की खेलकूद प्रतियोगिताओं को निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने वर्ष 2022 में नियुक्त शारीरिक शिक्षकों के स्थायीकरण एवं वेतन नियमितीकरण की मांग भी उठाई।
सचिव जगन्नाथ सिंह चुंडावत ने बताया कि संगोष्ठी के प्रथम दिन उद्घाटन सत्र के बाद खुले सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न खेलों में किए गए नवाचारों की जानकारी साझा की गई। खुले सत्र में शारीरिक शिक्षक गोपाललाल मेहता ने कई उच्च प्राथमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में उपस्थिति पंजिका में शारीरिक शिक्षकों की वरिष्ठता का पालन नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर उपस्थित शिक्षकों ने विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
तकनीकी सत्र में हुक्मीचंद मेनारिया ने खो-खो, सूर्यप्रकाश अहारी ने तीरंदाजी तथा युगल किशोर शर्मा ने कार्यालय रिकॉर्ड संधारण विषय पर व्याख्यान दिए।
संगोष्ठी के दौरान वाक्पीठ की ओर से भारतीय जूडो टीम के प्रशिक्षक एवं राष्ट्रीय जूडो निर्णायक शारीरिक शिक्षक सुशील सेन का सम्मान किया गया। इसके साथ ही इसी शैक्षिक सत्र में सेवानिवृत्त होने वाले शारीरिक शिक्षक मनोहर सिंह राठौड़, निर्मल कुमार मारू, थावरचंद पटेल एवं अनिल जोशी का शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया।
दो दिवसीय जिला स्तरीय सत्रारंभ संगोष्ठी में खेलकूद प्रतियोगिताओं की कार्ययोजना, शारीरिक शिक्षकों की समस्याओं और विद्यालयों में खेल गतिविधियों को प्रभावी बनाने के विभिन्न विषयों पर चर्चा जारी है। कार्यक्रम का संचालन यशवंत शास्त्री एवं रामलाल मेघवाल ने किया।