श्रीनाथ विद्या मंदिर झाड़ोल में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह, देशभक्ति प्रस्तुतियों ने बांधा समां
झाड़ोल के श्रीनाथ विद्या मंदिर में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, देशभक्ति कार्यक्रम और रंगारंग प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बनाया।
तस्वीर में श्रीनाथ विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय झाड़ोल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भाषण देते बच्चे, शिक्षकों व विद्यार्थियों का समूह तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते छात्र-छात्राएं नजर आ रहे हैं।
श्रीनाथ विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय झाड़ोल में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता झाड़ोल थानाधिकारी श्री करनाराम जी चौधरी ने की और उन्होंने ही ध्वजारोहण किया। मुख्य अतिथि के रूप में झाड़ोल कुंवरसाहब श्री विश्वराज सिंह जी झाला मौजूद रहे।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में झाड़ोल भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री शंकर जी गाडरी उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को स्वतंत्रता, शिक्षा, मोबाइल और खेल के महत्व के बारे में बताया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में झालावाड़ पटेल समाज के अध्यक्ष श्री प्रकाश जी पटेल, राजू जी निमावत, धीरज जी पूर्बिया, रवि जी गाडरी, मोहन जी पटेल, यशपाल सिंह जी, भावेश पूर्बिया, नारायण जी पटेल, प्रकाश जी पटेल, प्रकाश चंद्र वडेरा, शंकर जी गाडरी आवरडा, भेरू सिंह जी देवड़ा, प्रेम जी प्रजापत, डुले सिंह जी, सुमेर जी कनवाडिया, ललित जी मोची, श्रवण सिंह जी पंवार सहित अन्य अतिथि और अभिभावकगण मौजूद रहे।
विद्यालय के बालक-बालिकाओं ने देशभक्ति एवं राजस्थानी गीत, कविता, एकल नृत्य, समूह नृत्य, देशभक्ति नाटक, व्यायाम पीटी और परेड की प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर आजाद मैदान में भी रंगारंग और जोरदार प्रस्तुतियां दी गईं।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत और समापन संस्था प्रधान श्री विक्रम सिंह जी चौहान द्वारा किया गया। स्वागत की कड़ी में विद्यालय की संचालिका श्रीमती श्यामा कुँवर शक्तावत, अध्यापक पुखराज जी मेघवाल, संतोष जी निनामा, लोकेश जी मेघवाल, रवि जी प्रजापत, रेखा जी, तरुणा जी, ममता जी, रेणुका जी, हार्दिका जी, अंगिता जी, हिम्मत जी और दीपिका जी ने सहभागिता की।
पूरे कार्यक्रम का संचालन सुश्री एवन कुँवर देवड़ा ने किया। विद्यालय में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों की देशभक्ति प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पीटी और परेड ने स्वतंत्रता दिवस आयोजन को विशेष रूप से प्रभावी बनाया।