तस्वीर में स्थानीय जैन स्थानक भवन में रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर संत-महात्माओं के सानिध्य में पुलिसकर्मियों और पत्रकारों को सम्मानित किया जा रहा है।

स्थानीय जैन स्थानक भवन में मेवाड़ उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव कोमल मुनि म.सा., अध्ययनशील व सेवारत्न हर्षित मुनि म.सा. एवं अरुण मुनि म.सा. के पावन सानिध्य में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जैन समाज की ओर से थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार मय जाब्ता तथा पत्रकार बुद्धि प्रकाश पाराशर और भगवती लाल मेनारिया को रक्षासूत्र बांधकर सम्मानित किया गया।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए मेवाड़ उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि म.सा. ने कहा कि केवल कलाई पर धागा बांधना या उपहार देना रक्षाबंधन नहीं है, बल्कि सच्चा रक्षाबंधन रक्षा करने का दृढ़ संकल्प है। स्वयं तपना और दूसरों के जीवन को संवारना ही वास्तविक स्वाबंधन है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को सभी के प्रति मधुर व्यवहार और सहयोग की भावना रखनी चाहिए। संस्कारों का बीजारोपण ही चरित्र निर्माण की नींव है, इसलिए गुरु की शरण में रहकर उत्तम आचरण अपनाना चाहिए।

मुनि श्री ने आगे कहा कि सहारा देने वाले ही इतिहास रचते हैं, जबकि अनदेखी करने वाले अंधकार में खो जाते हैं। उन्होंने भाषा की शुद्धि पर बल देते हुए कहा कि निंदा और अपशब्दों का त्याग कर सदा हित, मित और मधुर वचनों का प्रयोग करें। किसी को छोटा या खोटा न समझें और हर हाल में आनंदित रहें।

इस दौरान हर्षित मुनि म.सा. ने कहा कि जिस प्रकार विष्णुकुमार मुनि ने 700 मुनियों के प्राणों की रक्षा की थी, उसी प्रकार आज हमें भी अपने साधु-साध्वियों, धर्म और आत्मा की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।

कार्यक्रम में वर्द्धमान जैन श्रावक संघ अध्यक्ष सुनील कूकड़ा, भेरू लाल खेरोदिया, अशोक पोखरना, अनिल बडाला, मुकेश डांगी और राजेंद्र बोकड़िया ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया।

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