रणुजा रामदेवजी के लिए पैदल रवाना हुआ जत्था, कनबई में हुआ गर्मजोशी से स्वागत
रेटडा एवं बलीचा से रणुजा रामदेवजी के लिए पांच सदस्यीय पैदल जत्था रवाना हुआ। कनबई में समाजसेवियों ने ऊपरना और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया।
कनबई पहुंचने पर रामदेवरा जा रहे पैदल यात्रियों का स्वागत करते समाजसेवी धूलेश्वर वसोहर व अन्य स्थानीय ग्रामीण। (बाएं से दाएं: सविता अहारी, सुरेश बरनडा, दीतूदेवी, बाबूलाल असौड़ा, धूलेश्वर वसोहर, बालूराम गमेती, सुरेश गमेंती व अरविंद डामोर)
‘जाही राखे धर्म, ताहि राखे करतार’ की भावना के साथ प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रेटडा एवं बलीचा से पांच सदस्यों का पैदल यात्रियों का जत्था रणुजा रामदेवजी के लिए रवाना हुआ। जत्थे की अगुवाई दीतूदेवी रेटडा ने की, जबकि बाबूलाल असौड़ा, सविता अहारी, सुरेश बरनडा और शिल्पा खराड़ी सहयोगी के रूप में यात्रा में शामिल रहे।
पैदल यात्रा करते हुए यह जत्था कनबई पहुंचा, जहां समाजसेवी धूलेश्वर वसोहर के नेतृत्व में यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान सुरेश गमेंती, बालूराम गमेती, अरविंद डामोर, राहुल सहित अन्य लोगों ने यात्रियों को ऊपरना पहनाकर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
पैदल यात्रियों का यह दल लगभग 10/12 दिनों में अपनी यात्रा पूर्ण करेगा। यात्रा के दौरान धार्मिक आस्था के साथ जत्था रणुजा रामदेवजी के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर धूलेश्वर वसोहर ने कहा कि जो धर्म के प्रति समर्पित रहते हैं, रामसा पीर उनकी हर मुसीबतें खत्म करें एवं उन्हें अच्छा स्वास्थ्य देवें। कनबई में हुए स्वागत से पैदल यात्रियों के जत्थे को यात्रा के दौरान आत्मीयता और उत्साह मिला।