लगातार पांचवीं बार एबीएसआरएम उदयपुर जिलाध्यक्ष बने पुष्पेंद्र सिंह झाला, घासा उपशाखा ने किया सम्मान

फतहनगर के रखयावल विद्यालय में लगातार पांचवीं बार उदयपुर जिलाध्यक्ष बने पुष्पेंद्र सिंह झाला का सम्मान हुआ। कार्यक्रम में पौधारोपण के साथ संगठन की भावी रणनीति पर भी चर्चा हुई।

Update: 2026-07-27 14:08 GMT

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रखयावल में आयोजित समारोह के दौरान मंचासीन अतिथि और पुष्पेंद्र सिंह झाला का स्वागत करते संगठन के पदाधिकारी।

फतहनगर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) के उदयपुर जिलाध्यक्ष पद पर लगातार पांचवीं बार निर्वाचित होने पर पुष्पेंद्र सिंह झाला का सोमवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रखयावल में संगठन की घासा उपशाखा द्वारा स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के दौरान "एक शिक्षक–एक पेड़" अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। घासा ब्लॉक अध्यक्ष भीम सिंह राव ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि पुष्पेंद्र सिंह झाला का मेवाड़ी पाग एवं उपरना पहनाकर सम्मान किया गया।

समारोह में संभाग संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवोत, पीईईओ शक्ति सिंह रावल, वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक अर्जुन सिंह झाला, माध्यमिक शिक्षा शारीरिक शिक्षक वाकपीठ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह झाला, महिला संगठन मंत्री अन्नपूर्णा शर्मा, घासा ब्लॉक संगठन मंत्री एवं जिला कार्यकारिणी सदस्य अर्जुन सिंह चुंडावत तथा नाहरमगरा के पीईईओ छगनलाल मेघवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजवीर ने किया।

मुख्य अतिथि पुष्पेंद्र सिंह झाला ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान में विलंब हो सकता है, लेकिन न्याय अवश्य मिलेगा। उन्होंने लगातार पांचवीं बार जिलाध्यक्ष चुने जाने का श्रेय शिक्षक साथियों के सहयोग और विश्वास को देते हुए कहा कि संगठन की शक्ति उसकी एकजुटता में निहित है। उन्होंने सभी ब्लॉकों में उपशाखा स्तर पर नई कार्यकारिणियों के गठन का आह्वान किया।

पुष्पेंद्र सिंह झाला ने बताया कि उदयपुर के टैगोर नगर स्थित संगठन के भवन "सरस्वती शिक्षक सदन" के निर्माण पर अब तक ₹2.19 करोड़ व्यय किए जा चुके हैं। उन्होंने शिक्षकों से सकारात्मक सोच के साथ संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।

संभाग संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवोत ने कहा कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान का सबसे बड़ा शिक्षक संगठन है, जिसके लगभग 2.80 लाख सदस्य हैं। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर संगठन से 13.60 लाख से अधिक शिक्षक जुड़े हुए हैं तथा लगभग 40 हजार दायित्ववान कार्यकर्ता विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संगठन केवल शिक्षक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए 15 विभिन्न आयामों पर वर्षभर कार्य करता है।

उन्होंने संगठन की नीति के अनुरूप कार्यक्रमों में मंच पर अतिथियों की संख्या सीमित रखने तथा संगठन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही बताया कि जिला कार्यकारिणी का कार्यकाल अब एक वर्ष के स्थान पर तीन वर्ष कर दिया गया है।

जिला मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता ने बताया कि प्रमुख वक्ता हिम्मत सिंह राव ने "गुरु वंदन" कार्यक्रम के अंतर्गत गुरु की कृपा एवं मार्गदर्शन के महत्व पर प्रकाश डाला। अंत में क्षेत्रीय संगठन मंत्री अर्जुन सिंह चुंडावत ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित शिक्षक साथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संगठनात्मक एकजुटता, शिक्षक हितों और राष्ट्रहित आधारित गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया।

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