पीटीएस मोरवानिया में तीन साल में लगेंगे 5 हजार से अधिक देशी पौधे, बनेगा हरित क्षेत्र
पीटीएस मोरवानिया में 5 हजार से अधिक देशी पौधे लगाने की तीन वर्षीय परियोजना शुरू हुई, पहले चरण में 1,500 पौधों का लक्ष्य रखा गया।
तस्वीर में पुलिस अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति पत्र थामे नजर आ रहे हैं।
अरावली क्षेत्र के पारिस्थितिकीय संतुलन को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस), मोरवानिया में बुधवार को महत्वाकांक्षी पर्यावरणीय परियोजना का शुभारंभ किया गया। ग्रीन पीपल सोसाइटी के सहयोग से शुरू हुई इस परियोजना के तहत विद्यालय परिसर की करीब 4,500 मीटर लंबी सीमा और प्रशिक्षण मैदानों में अगले तीन वर्षों में 5,000 से अधिक देशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। परियोजना के प्रथम चरण में 1,500 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
परियोजना की शुरुआत पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) सुनील छिद्री, वन्यजीव मुख्य वन संरक्षक मुकेश सेनी, उप वन संरक्षक देवेंद्र तिवारी तथा पीटीएस की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं कमांडेंट नियति शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने पौधारोपण कर की।
पौधारोपण के बाद पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में रणनीतिक बैठक आयोजित हुई। बैठक में परियोजना की आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना, पौधों की सुरक्षा, जल प्रबंधन, नियमित देखभाल, प्रशिक्षणार्थियों की भागीदारी और पौधों की उत्तरजीविता दर बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ग्रीन पीपल सोसाइटी, उदयपुर के अध्यक्ष राहुल भटनागर ने बताया कि परियोजना में फलदार, फूलदार, छायादार और औषधीय सहित स्थानीय एवं देशी प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे परिसर में हरित क्षेत्र बढ़ने के साथ धूल और शोर के प्रभाव को कम करने, सूक्ष्म जलवायु में सुधार तथा अरावली के पारिस्थितिकीय तंत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वन विशेषज्ञ डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि पीटीएस मोरवानिया चारों ओर ऊंची पहाड़ियों से घिरे सुरम्य एवं प्राकृतिक क्षेत्र में स्थित है। यहां वर्षा जल संचयन की बेहतर संभावनाएं हैं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से वर्षाजल को पौधों तक पहुंचाकर उनकी उत्तरजीविता बढ़ाई जा सकती है। पहाड़ियों के कारण शुष्क हवाओं का प्रभाव भी अपेक्षाकृत कम रहेगा। उन्होंने पौधों को वन्यजीवों से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने का सुझाव दिया, ताकि पौधारोपण के साथ उनकी नियमित निगरानी और संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।
पर्यावरण विशेषज्ञ श्याम दवे ने परियोजना को मृदा एवं जल संरक्षण तथा भूजल पुनर्भरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जल संकट वाले इस क्षेत्र में पौधारोपण केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि प्रत्येक पौधा स्थानीय जलचक्र को मजबूत करने और मिट्टी में नमी बनाए रखने में भी योगदान देगा।
बैठक में पीटीएस के प्रशिक्षणार्थियों को भी अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षणार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ पौधों की नियमित देखभाल और निगरानी में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर विचार किया गया। परियोजना के माध्यम से भविष्य में कार्बन क्रेडिट अर्जित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
मिराज समूह के निदेशक विनोद कुमार ने परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर ग्रीन पीपल सोसाइटी के राहुल भटनागर, शरद श्रीवास्तव, इंद्रजीत माथुर, सोहैल मजबूर, श्याम दवे, ललित जोशी, इस्माइल दुर्गा, सतीश शर्मा, प्रताप सिंह चुंडावत, शैली सिंह, जगमाल सिंह खंगारोत तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में पीटीएस मोरवानिया की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं कमांडेंट नियति शर्मा ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। परियोजना के तहत अगले तीन वर्षों में 5,000 से अधिक देशी पौधों का रोपण और उनका संरक्षण पीटीएस मोरवानिया को प्रशिक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की पहल है।