कानोड़ में धूमधाम से मनाया जा रहा पर्युषण पर्व, भगवान ऋषभदेव मंदिर में स्नात्र पूजा आयोजित
गांधी चौक स्थित भगवान ऋषभदेव जैन मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न; 15 सितंबर को नवपद पूजा का होगा आयोजन।
तस्वीर में कानोड़ के ऋषभदेव मंदिर में व्यक्ति भगवान की प्रतिमा का स्नात्र अभिषेक कर रहा है।
कानोड़ में जैन समुदाय द्वारा पर्वाधिराज पर्युषण पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। नगर के सभी जैन स्थानकों में बिराजित साध्वियों के सानिध्य में सामायिक, प्रतिक्रण, एकासना, उपवास और आयम्बिल आदि की तपस्या निरंतर गतिमान है। रात्रि में सवर के मध्य नवकार महामंत्र जाप भी किया जा रहा है।
इसी क्रम में गांधी चौक स्थित भगवान ऋषभदेव जैन मंदिर में बुधवार को दोपहर भगवान की स्नात्र पूजा आयोजित की गई। सभी व्यवस्थाओं को संभालते हुए व्यवस्था समिति के अध्यक्ष भरत जारोली ने बताया कि बुधवार को आयोजित स्नात्र पूजा जयंती लाल डूंगरवाल ने स्नात्री बनकर सम्पन्न की। इन्द्र मल महात्मा व उदय सिंह महेता ने पूजा पढ़ाते हुए सभी विधियां पूर्ण करवाई।
स्नात्र पूजा के दौरान जल, चन्दन, पुष्प, धूप, दीप, अक्षत, नैवेद्य और फल से पूजा कर अर्ध्य जल दिया गया। प्रभू की केशर से नव अंगों की पूजा की गई। सिद्ध चक्र, सम्यक ज्ञान, दर्शन व चारित्र की भी केशर पूजा करते हुए पुष्प अर्पित किए गए। भगवान आदिनाथ, शांति नाथ, नेमिनाथ, पार्श्वनाथ व वीर प्रभू को कुसुमांजलि अर्पित की गई।
पुजारी अम्बा लाल द्वारा प्रभू प्रतिमा व नाकोड़ा भैरव देव की प्रतिमा की भव्य अंग रचना की गई। पूजा के बाद दीप आरती की गई। मंदिर जी में मंगलवार से सांयकाल 8.15 बजे से भव्य आरती का आयोजन किया जा रहा है।
अध्यक्ष भरत जारोली के अनुसार आयोजन व्यवस्था समिति की ओर से किए जा रहे हैं। 15 सितंबर को नवपद पूजा का आयोजन उदय सिंह महेता व परिवार की ओर से किया जाएगा, जो प्रातः 10.30 बजे से प्रारंभ होकर प्रभू इच्छा तक जारी रहेगा। पर्युषण पर्व के तहत चल रहे धार्मिक आयोजनों में स्नात्र पूजा, आरती और नवपद पूजा प्रमुख आयोजन के रूप में जारी हैं।