तस्वीर में बैनर के सामने खड़े लोग विजय का संकेत देते नजर आ रहे हैं।

फतहनगर-सनवाड़ नगर पालिका निकाय चुनाव में बुधवार को सभी 25 वार्डों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कुल 17,724 मतदाताओं में से 15,758 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह पालिका क्षेत्र में कुल 88.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के दौरान मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और सुबह से ही अधिकांश मतदान केंद्रों पर कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।

सुबह करीब 11 बजे तक फतहनगर के बाजारों और प्रमुख मार्गों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम चहल-पहल नजर आई। बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने मतदान केंद्रों की ओर जाते दिखाई दिए। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों में भी मतदान को लेकर उत्साह रहा। कई मतदान केंद्रों पर सुबह के समय लंबी कतारें देखने को मिलीं।

भाजपा देहात जिला अध्यक्ष पुष्कर लाल तेली, विधानसभा प्रत्याशी कृष्ण गोपाल पालीवाल सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने मतदान केन्द्रों का दौरा किया तथा कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।

25 वार्डों में वार्ड नंबर 8 में सर्वाधिक 97.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं पालिका क्षेत्र के 12 वार्डों में मतदान का आंकड़ा 90 प्रतिशत से अधिक रहा। मतदान के इस ऊंचे प्रतिशत को लेकर प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में भी दिनभर उत्सुकता बनी रही।

नगर पालिका के 25 वार्डों से कुल 65 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। शाम 6 बजे मतदान का समय समाप्त होते ही सभी प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य मतपेटियों में बंद हो गया। मतदान समाप्त होने के बाद चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने स्तर पर मतदान के रुझानों का आकलन शुरू कर दिया।

कहीं मतदान केंद्रों पर हुई वोटिंग को अपने पक्ष में माना जा रहा है तो कहीं वार्डवार समीकरणों, मतदान प्रतिशत और मतदाताओं के रुख को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। चाय की थड़ियों से लेकर बाजार और चौपालों तक अब सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि किस वार्ड में किस प्रत्याशी को बढ़त मिल सकती है और पालिका की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी।

पूरे पालिका क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। प्रशासन एवं पुलिस की ओर से मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं रही। मतदान समाप्त होने के बाद निर्वाचन दलों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चुनाव सामग्री सुरक्षित रूप से जमा करवाई।

अब मतदाताओं के फैसले के सामने आने का इंतजार है। 88.91 प्रतिशत के भारी मतदान ने चुनावी मुकाबले को और भी रोचक बना दिया है। ऊंचे मतदान प्रतिशत के कारण प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं और समर्थकों में जीत-हार को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अब सभी की निगाहें मतगणना और परिणाम पर टिकी हैं।

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