झाड़ोल की नीतू ने NEET 2026 में हासिल की सफलता, अब MBBS कर बनेगी डॉक्टर
झाड़ोल की नीतू कुमावत ने NEET 2026 उत्तीर्ण कर एमबीबीएस में प्रवेश पाया। शिक्षक नरेश लोहार और अंत्योदय फाउंडेशन ने दिया सहयोग।
तस्वीर में घर के बाहर खड़े लोगों के बीच मौजूद सफल छात्रा नीतू कुमावत।
ग्रामीण और सीमित संसाधनों वाले परिवेश से निकलकर अपने डॉक्टर बनने के सपने की ओर बढ़ रही नीतू कुमावत ने NEET 2026 परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता हासिल की है। उपखंड झाड़ोल के गांव सुल्तान जी का खेरवाड़ा स्थित राजकीय विद्यालय की प्रतिभावान छात्रा नीतू को अब छतरपुर, कर्नाटक के एक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश मिला है।
नीतू की प्रतिभा को वर्ष 2023 में पहचान मिली, जब उसने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 96.33 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। उसकी मेहनत, लगन और प्रतिभा को देखते हुए क्षेत्र के शिक्षक एवं समाजसेवी नरेश लोहार ने नीतू के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने में सहयोग का प्रयास शुरू किया।
शिक्षक नरेश लोहार के प्रयासों से अंत्योदय फाउंडेशन, मुंबई से जुड़े दानदाता एवं जोधपुर मूल के महेश सिंगी, हाल मुकाम मुंबई, ने नीतू की NEET की तैयारी के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया। इस सहयोग से नीतू का उदयपुर के प्रतिष्ठित एसेंट कोचिंग संस्थान में प्रवेश करवाया गया।
इसके बाद नीतू ने उदयपुर में रहकर निरंतर मेहनत और लगन के साथ लगभग चार वर्षों तक अपनी पढ़ाई जारी रखी। कठिन परिश्रम, परिवार के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और समाजसेवियों के प्रयासों का परिणाम वर्ष 2026 की NEET परीक्षा में सामने आया, जिसे नीतू ने उत्तीर्ण कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।
NEET में सफलता के बाद नीतू को छतरपुर, कर्नाटक के एक मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला है। अब वह वहां एमबीबीएस की पढ़ाई करेगी और डॉक्टर बनने की दिशा में अपना अगला कदम बढ़ाएगी।
नीतू की उपलब्धि उसके व्यक्तिगत प्रयास के साथ-साथ परिवार, शिक्षकों और सहयोग करने वाले समाजसेवियों के योगदान को भी सामने लाती है। उसकी सफलता में अंत्योदय फाउंडेशन के सहयोग, दानदाता महेश सिंगी की पहल तथा शिक्षक नरेश लोहार के मार्गदर्शन और प्रेरणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नीतू की सफलता क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए भी एक उदाहरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा को सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और समय पर सहयोग मिलने पर ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थी भी चिकित्सा शिक्षा जैसे लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकते हैं।
अब नीतू का लक्ष्य डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है। उसकी NEET 2026 में सफलता और एमबीबीएस में प्रवेश ग्रामीण प्रतिभाओं को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।