झाड़ोल की नीतू कुमावत ने पास की नीट परीक्षा, कर्नाटक में मिला MBBS दाखिला
सीमित संसाधनों के बीच राजकीय विद्यालय की छात्रा नीतू को अंत्योदय फाउंडेशन और दानदाताओं का सहयोग मिला, जिससे उनका डॉक्टर बनने का सपना पूरा हुआ।
तस्वीर में ग्रामीण परिवेश के घर के बाहर नीतू कुमावत अपने परिवार और लोगों के साथ खड़ी हैं।
झाड़ोल। सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हुए सुल्तान जी का खेरवाड़ा गांव की नीतू कुमावत ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है। राजकीय विद्यालय की इस प्रतिभावान छात्रा को अंत्योदय फाउंडेशन के सहयोग और शिक्षक एवं समाजसेवी नरेश लोहार की प्रेरणा से नीट की तैयारी का अवसर मिला। अब नीतू छतरपुर, कर्नाटक के एक मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई करेगी।
नीतू की प्रतिभा वर्ष 2023 में सामने आई, जब उसने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 96.33 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। उसकी मेहनत, लगन और प्रतिभा को पहचानते हुए क्षेत्र के शिक्षक एवं समाजसेवी नरेश लोहार ने उसके डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने के लिए सहयोग के प्रयास शुरू किए।
नरेश लोहार के प्रयासों से अंत्योदय फाउंडेशन, मुंबई से जुड़े दानदाता एवं जोधपुर मूल के महेश सिंगी, हाल मुकाम मुंबई, ने नीतू की नीट की तैयारी के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया। इस सहयोग से नीतू का उदयपुर के प्रतिष्ठित एसेंट कोचिंग संस्थान में प्रवेश करवाया गया। इसके बाद नीतू ने उदयपुर में रहकर निरंतर मेहनत और लगन के साथ लगभग चार वर्षों तक अपनी पढ़ाई जारी रखी।
नीतू की मेहनत, परिवार के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और समाजसेवियों के प्रयासों का परिणाम वर्ष 2026 की नीट परीक्षा के रूप में सामने आया। नीतू ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया। नीट में सफलता के बाद उसे छतरपुर, कर्नाटक के एक मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला है, जहां से वह एमबीबीएस की पढ़ाई करेगी।
नीतू की सफलता उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ यह भी दर्शाती है कि प्रतिभा को सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और समय पर सहयोग मिले तो ग्रामीण एवं सामान्य परिवारों के बच्चे भी अपने बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं।
नीतू की इस उपलब्धि में उसके परिवार की मेहनत के साथ अंत्योदय फाउंडेशन का सहयोग, दानदाता महेश सिंगी की संवेदनशील पहल तथा शिक्षक नरेश लोहार के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नीतू की सफलता क्षेत्र के उन हजारों विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उसने अपनी मेहनत से यह साबित किया है कि सपनों को पूरा करने का संकल्प मजबूत हो तो परिस्थितियां भी रास्ता देने लगती हैं।
अब नीतू का अगला लक्ष्य डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है। उसकी सफलता ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।