गुरु पूर्णिमा पर मुंगाणा धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने संतों से लिया आशीर्वाद

मावली के मुंगाणा धाम में गुरु पूर्णिमा पर तीन दिवसीय मेले में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। संतों के आशीर्वचन, अखंड भंडारा और धार्मिक आयोजन बने आकर्षण का केंद्र।

Update: 2026-07-30 07:31 GMT

आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को गुरु पूर्णिमा का उत्सव श्रद्धा और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। व्यास पूर्णिमा के नाम से भी प्रसिद्ध इस पर्व पर गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

मेवाड़ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मुंगाणा धाम स्थित सांवलिया जी मंदिर परिसर में तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। मेले के दौरान राजस्थान के दूर-दराज ग्रामीण अंचलों से हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, वहीं गुजरात, मध्यप्रदेश तथा अन्य पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब देखने को मिला।

तीन दिवसीय मेले में संतों का स्वागत, शोभायात्रा, भजन-कीर्तन, दर्शन, संतों के आशीर्वचन तथा अखंड भंडारे का सुव्यवस्थित संचालन किया गया। प्रातःकाल से प्रारंभ हुआ भंडारा सायंकाल तक निरंतर संचालित होता रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े-बड़े डोम तैयार किए गए, ताकि उन्हें छाया एवं वर्षा से बचाव की व्यवस्था उपलब्ध हो सके।

मेले के सफल संचालन में ग्राम पंचायत, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग तथा पुलिस विभाग ने सकारात्मक सहयोग प्रदान किया। स्थानीय नागरिकों एवं संचालन समितियों के सदस्यों ने विभिन्न व्यवस्थाओं का दायित्व संभालते हुए श्रद्धालुओं की निरंतर सेवा की। महिलाओं ने भी व्यवस्थाओं के संचालन में सक्रिय सहयोग दिया। मेले के दौरान विभिन्न प्रकार की दुकानों से नया बाजार सजा दिखाई दिया, जहां ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और महिलाओं को खरीदारी करते हुए देखा गया।

सांवलिया धाम मुंगाणा स्थित गौशाला भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रही। इसी धाम में संचालित परंपरागत शिक्षा केंद्र में सनातन धर्म के उपनिषदों, धर्मग्रंथों, आश्रम परंपरा तथा वेदों की शिक्षा-दीक्षा दी जा रही है। मुंगाणा धाम के महंत चेतन दास जी द्वारा मुंगाणा में सांवलिया जी मंदिर का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में महंत चेतन दास जी के मंदिर का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह धार्मिक आयोजन गुरु-शिष्य परंपरा, आस्था, सेवा और धार्मिक संस्कारों का केंद्र बनकर श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख आधार रहा।

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