खेरवाड़ा ग्राम पंचायत में पंचायती राज चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। यहां सरपंच पद के मुकाबले वार्ड पंचों के चुनाव में अधिक दावेदार सामने आने से मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। कई वार्डों में दो से पांच तक प्रत्याशियों के मैदान में उतरने की संभावना है, जिससे बहुकोणीय मुकाबले के समीकरण बन रहे हैं।

उपखंड मुख्यालय की खेरवाड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित है। इस पद पर निवर्तमान सरपंच लक्ष्मी देवी अहारी और दिनेश कुमार मीणा की दावेदारी चर्चा में है। खेरवाड़ा कस्बे में सामान्य वर्ग के मतदाताओं की संख्या अधिक होने के बावजूद पूरी तहसील में एसटी आरक्षण लागू होने के कारण एसटी वर्ग के दावेदार ही चुनावी गतिविधियों में सक्रिय हैं।

फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं में निवर्तमान सरपंच लक्ष्मी देवी अहारी का पलड़ा भारी बताया जा रहा है। हालांकि, चुनावी मैदान में अन्य दावेदारों की सक्रियता बढ़ने के साथ सरपंच पद का मुकाबला भी रोचक होने की संभावना है।

वार्ड पंचों के चुनाव में सरपंच पद से ज्यादा दिलचस्प राजनीतिक समीकरण देखने को मिल रहे हैं। कई वार्डों में दो से पांच तक दावेदार चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वहीं, कुछ संभावित उप सरपंच प्रत्याशी भी अपनी जीत का गणित मजबूत करने के लिए अलग-अलग वार्डों में वार्ड पंच प्रत्याशियों के साथ चुनावी समीकरण बैठाने में जुटे हैं।

हालांकि, फिलहाल ये सभी चर्चाएं और चुनावी कयास हैं। 4 तारीख को शाम तक नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि कौन चुनावी मैदान में मजबूती से डटा है और किसकी दावेदारी कमजोर पड़ती है।

गौरतलब है कि खेरवाड़ा ग्राम पंचायत में पहले 15 वार्ड थे। पंचायत के पुनर्गठन के बाद वार्डों की संख्या बढ़ाकर 17 कर दी गई है। अब 5 नवंबर को होने वाले मतदान और देर रात घोषित होने वाले परिणामों पर सभी की निगाहें रहेंगी। परिणाम से स्पष्ट होगा कि सरपंच पद के साथ-साथ वार्ड पंचों के चुनाव में किस प्रत्याशी को जीत मिलती है और खेरवाड़ा पंचायत की चुनावी तस्वीर किस करवट बैठती है।

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