भाखरा की मुख्य सड़क पर नदी कटाव से मंडराया बड़ा खतरा, एक वर्ष बाद भी नहीं हुई मरम्मत
भाखरा ग्राम पंचायत की मुख्य सड़क नदी कटाव से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त है। एक वर्ष बाद भी मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई।
तस्वीर में नदी के कटाव से क्षतिग्रस्त हुई सड़क का किनारा और खिसकी हुई मिट्टी तथा चट्टानें दिख रही हैं।
खेरवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र की भाखरा ग्राम पंचायत में मुख्य सड़क का किनारा नदी के कटाव से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के बावजूद अब तक उसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। सड़क के नीचे से मिट्टी खिसकने के कारण बड़ा गड्ढा बन गया है, जिससे बरसात के दौरान सड़क के बहने का खतरा बना हुआ है और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
सामाजिक कार्यकर्ता फतेहसिंह राठौड़ ने 12 मई 2026 को राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सड़क किनारे सुरक्षा दीवार (साइड वॉल) निर्माण और तत्काल मरम्मत की मांग की थी। शिकायत के निस्तारण पर सार्वजनिक निर्माण विभाग खेरवाड़ा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सड़क का कार्य एसआर प्रोग्राम में स्वीकृति मिलने के बाद ही कराया जा सकेगा। इसके बावजूद शिकायत का निस्तारण कर उसे बंद कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को ग्रामीण सेवा शिविरों में भी उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह मार्ग श्मशान घाट, पंचायत भवन सहित आसपास के 4-5 गांवों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। बरसात के दौरान सड़क के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में आवागमन बाधित हो सकता है। साथ ही एंबुलेंस सेवाओं और अंतिम संस्कार के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और स्थानीय विधायक से मांग की है कि सड़क को प्राथमिकता के आधार पर एसआर प्रोग्राम में शामिल कर शीघ्र मरम्मत कार्य स्वीकृत कराया जाए। इस संबंध में कर्णवीर सिंह सिसोदिया, लक्ष्मण सिंह राठौड़, जोरावर सिंह पड़ियार, शंभू सिंह राठौड़, मोती सिंह पड़ियार और कमल सिंह सहित ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता जताई। एक वर्ष से क्षतिग्रस्त यह सड़क अब बरसात के बीच क्षेत्र के लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।