खेरवाड़ा हत्या मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास, कोर्ट ने लगाया 50-50 हजार रुपये अर्थदंड

खेरवाड़ा हत्या मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने दो दोषियों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जानिए कोर्ट ने फैसले में क्या महत्वपूर्ण टिप्पणी की।

Update: 2026-07-30 12:53 GMT

अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश, खेरवाड़ा डॉ. जगदीश कुंतल ने हत्या के एक चर्चित मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 एवं 449/34 के तहत दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक आरोपी को अतिरिक्त तीन माह का साधारण कारावास भी भुगतना होगा।

अपर लोक अभियोजक संदेश कोठारी ने बताया कि 7 मार्च 2023 को बंजारिया निवासी राहुल डामोर ने खेरवाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार होली के दिन विकास बीड़ी मांगने के लिए मृतक बंशीलाल के घर पहुंचा था। बीड़ी देने से मना करने पर विकास ने बंशीलाल का गला पकड़ लिया। इसी दौरान जयेश तलवार लेकर वहां पहुंचा और बंशीलाल पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

मामले में पुलिस ने अनुसंधान पूरा करने के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक संदेश कोठारी ने 17 गवाहों के बयान और 30 दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष पेश किए। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।

अपने निर्णय में न्यायालय ने उल्लेख किया कि बच्चों के सामने पिता की हत्या केवल एक व्यक्ति का जीवन समाप्त नहीं करती, बल्कि बच्चों के मन पर आजीवन गहरा आघात छोड़ जाती है। न्यायालय ने मृतक की पत्नी को प्रतिकर दिलाने के लिए प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर को भेजने की अनुशंसा भी की। इस निर्णय के साथ हत्या के इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया अपने महत्वपूर्ण निष्कर्ष तक पहुंची।

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