खेरोदा रेलवे पुलिया के नीचे जलभराव से एक दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित, ग्रामीणों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग

खेरोदा की रेलवे पुलिया के नीचे जलभराव से एक दर्जन गांवों का आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग की।

Update: 2026-07-10 14:03 GMT

खेरोदा में रेलवे पुलिया के नीचे भरे पानी के बीच से गुजरता एक दोपहिया वाहन।

खेरोदा कस्बे के गुलाबनगर स्थित बड़ीसादड़ी-खेरोदा-उदयपुर रेलवे पुलिया के नीचे हर वर्ष बारिश के मौसम में होने वाले जलभराव ने ग्रामीणों और राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पुलिया के नीचे लंबे समय तक गहरा पानी और कीचड़ जमा रहता है, जिससे यह मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता है।

स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि इस पुलिया से होकर आने-जाने वाले एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों का संपर्क प्रभावित हो जाता है और लोगों का आवागमन बाधित हो जाता है। मजबूरी में ग्रामीण रेलवे पुलिया के ऊपर से पटरी पार कर रहे हैं, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।

पुलिया के नीचे भरे पानी और फिसलन के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं, जबकि कई बार चार पहिया वाहन भी पानी के बीच फंस जाते हैं। विद्यार्थियों और पैदल राहगीरों को भी दुर्गंध और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे लगातार किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद प्रशासन ने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि आमजन की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द यहां पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।

पूर्व पंचायत समिति सदस्य खेरोदा भेरू लाल पाराशर ने कहा, "इस रेलवे पुलिया के नीचे पानी भरने से एक दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। गाड़ियां पानी में फंस रही हैं और लोगों को रेलवे ट्रैक के ऊपर से होकर गुजरना पड़ रहा है, जो बेहद खतरनाक है।"

पूर्व उप सरपंच खेरोदा रतन लाल मेनारिया ने बताया, "इस विकट समस्या के समाधान के लिए स्थानीय विधायक, सांसद सहित रेलवे के उच्च अधिकारियों को भी कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया और गुहार लगाई गई, लेकिन आज तक किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई और न ही कोई समाधान निकाला गया।"

लगातार जलभराव के कारण यह रेलवे पुलिया क्षेत्र के ग्रामीणों, विद्यार्थियों और राहगीरों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोग अब प्रशासन और संबंधित विभाग से स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।

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