खेरोदा में पंचायत चुनाव की तैयारियों का कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने लिया जायजा, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
खेरोदा में पंचायत समिति एवं जिला परिषद चुनाव के मतदान से पहले जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। पेयजल, बिजली, सुरक्षा, दिव्यांग मतदाताओं की सुविधाओं और मतदान दलों की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
खेरोदा में पंचायत चुनाव के मतदान से पूर्व मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एसडीएम अभिलाषा और बीडीओ गुलाब गुर्जर।
खेरोदा में पंचायत समिति एवं जिला परिषद चुनाव के तहत 22 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले जिला प्रशासन ने तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है। मतदान से एक दिन पहले 21 अक्टूबर 2026 को जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने खेरोदा क्षेत्र का सघन दौरा कर विभिन्न मतदान केंद्रों का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
दौरे के दौरान भींडर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) अभिलाषा और विकास अधिकारी (बीडीओ) गुलाब गुर्जर भी मौजूद रहे। अधिकारियों के दल ने विभिन्न मतदान केंद्रों पर पहुंचकर चुनावी व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा की। कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने केंद्रों पर पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप, समुचित प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही मतदान केंद्रों तक पहुंचने वाले मार्गों, मतदाताओं की कतारों के प्रबंधन तथा प्रवेश और निकासी मार्गों की व्यवस्थाएं भी परखी गईं।
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने प्रशासनिक अधिकारियों को चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही एसडीएम अभिलाषा और बीडीओ गुलाब गुर्जर को मतदान दलों के ठहराव तथा 22 अक्टूबर की सुबह शुरू होने वाली मतदान प्रक्रिया से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं और चुनावी कार्मिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। खेरोदा क्षेत्र में मतदान से पहले किए गए इस निरीक्षण के जरिए प्रशासन ने मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों और चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुपालन की अंतिम समीक्षा की।