खेरोदा के जैन स्थानक भवन में आयोजित परिवर्तन चातुर्मास धर्मसभा के दौरान मेवाड़ उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि म.सा श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए।

खेरोदा कस्बे में पावन परिवर्तन चातुर्मास के अंतर्गत रविवार को जैन स्थानक भवन में धर्मसभा आयोजित हुई। धर्मसभा को संबोधित करते हुए मेवाड़ उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि म.सा ने कहा कि संसार में निरंतर परिवर्तन हो रहा है, लेकिन अज्ञानता के कारण इंसान उसे देख नहीं पा रहा। उन्होंने कहा कि कब जवानी ढल गई और कब बुढ़ापा आ गया, इसका पता ही नहीं चलता। ऐसे में मानव को समय रहते जागना चाहिए।

कोमल मुनि म.सा ने कहा कि आज मनुष्य को अपने कर्तव्य और आत्म-स्वरूप का ज्ञान नहीं है। वह प्रपंचों और दिखावे (गांवांड) की नश्वर दुनिया में उलझकर स्वाभिमान और शांति खो बैठा है। जब तक शास्त्र और शाश्वत सत्य की पहचान नहीं होगी, जीवन सिद्धमय नहीं बन सकता। उन्होंने दूसरों पर दृष्टि डालने के बजाय स्वयं का आत्म-निरीक्षण करने और कषायों व दिखावे का त्याग कर अध्यात्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

इस अवसर पर अध्ययनशील, सेवारत्न हर्षित मुनि जी ने 'Delay is Dangerous' की सीख देते हुए कहा कि धर्म कार्य में विलंब करना समझदारी नहीं, बल्कि नादानी है। उन्होंने महाराजा बाहुबली और भगवान ऋषभदेव के जीवन प्रसंग की कथा का वांचन किया।

वहीं, सोमवार को गुरुदेव कोमल मुनि म.सा का 46वां जन्मदिवस श्रद्धा व उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। वर्द्धमान जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष सुनील कूकड़ा अरविंद वडाला ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पावन अवसर पर विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर का समय प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रहेगा। संघ ने सभी से इस पुनीत कार्य में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर रक्तदान करने का आह्वान किया है।

परिवर्तन चातुर्मास के दौरान धर्मसभा में आत्म-बोध, कर्तव्य, शाश्वत सत्य और अध्यात्म के संदेश के साथ गुरुदेव के 46वें जन्मदिवस पर रक्तदान शिविर के आयोजन की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।

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