राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय में भगवान धन्वंतरि की पूजा के दौरान हाथ जोड़े बैठे लोग दिख रहे हैं।

खेरोदा कस्बे में दीपावली और धनतेरस का पर्व पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। दीपोत्सव के अवसर पर पूरे कस्बे को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, वहीं बाजारों में आकर्षक विद्युत सज्जा ने त्योहार की रौनक बढ़ा दी। रात्रिकाल में रोशनी से जगमगाते बाजार और सजे हुए मंदिर कस्बे की आकर्षण का केंद्र बने रहे।

06 नवंबर 2026 को धनतेरस के पावन अवसर पर कस्बे के बाजारों में दिनभर चहल-पहल रही। दुकानदारों ने अपनी दुकानों को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से सजाया, जिससे रात होते ही पूरा कस्बा जगमगा उठा। स्थानीय मंदिरों को भी आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया। मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

दीपावली के अवसर पर कस्बे के प्रत्येक घर और मंदिर में आस्था के दीप प्रज्वलित किए गए। इससे पूरे क्षेत्र में उजास और सकारात्मकता का वातावरण दिखाई दिया। रोशनी के इस पर्व को लेकर हर आयु वर्ग के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

धनतेरस पर खरीदारी को लेकर बाजारों में विशेष रौनक रही। मनिहारी, ज्वेलरी (आभूषण), इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र (कपड़ों), विभिन्न शोरूमों और मिष्ठान (मिठाइयों) की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी। त्योहार के चलते बाजारों में देर तक चहल-पहल बनी रही।

इस तरह खेरोदा में दीपावली और धनतेरस का पर्व धार्मिक आस्था, पारंपरिक उत्साह और बाजारों की रौनक के बीच मनाया गया। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे घरों, मंदिरों और दुकानों ने पूरे कस्बे को दीपोत्सव के उल्लास से रोशन कर दिया।

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