राजस्थान के पलाना कला गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एनआरआई श्री सर्वजय माधव प्रभु, साध्वी राधा रानी और ग्रामीणों के साथ उपस्थित लोग।

राजस्थान के पलाना कला गांव को आत्मनिर्भर और आदर्श मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की गई है। न्यू नवद्वीप धाम, टेक्सास, अमेरिका के संस्थापक श्री सर्वजय माधव प्रभु जी (संजय सिंघानिया जी) का पलाना कला ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने पूरे गांव को मॉडल गांव बनाने के लिए गोद लेने की इच्छा व्यक्त की और इसके विकास में हर संभव सहयोग देने की बात कही।

स्वागत कार्यक्रम में गांव के वरिष्ठ समाजसेवी चुन्नीलाल जी जैन, सरपंच प्रभु लाल जी, कृषि राज्य मंत्री जी के सह सचिव किशन लाल जी जाट, उप सरपंच पीयूष जी व्यास, चिकित्साधिकारी कैलाश जाटव, वार्ड पंच मांगी लाल जी खटीक, मनोहर लाल जी जैन, दीपक सालवी, प्रेम जाट, हीरा लाल, सत्य नारायण सोनी, दीपक माली, विक्रम वैष्णव, दिनेश वैष्णव, पप्पू गमेटी, छगन मेघवाल और सुरेश लोहार सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। स्वागत उद्बोधन किशन जी ने दिया। इस दौरान चुन्नीलाल जी जैन ने मेवाड़ी पगड़ी एवं उपरना पहनाकर सर्वजय माधव प्रभु जी का अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में गांव की प्रमुख समस्याओं और विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने गौशाला निर्माण, प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने, युवाओं के लिए रोजगार और खेल सुविधाओं का विस्तार करने तथा महिलाओं के लिए प्रशिक्षण एवं रोजगार की समुचित व्यवस्था के संबंध में मार्गदर्शन और सहयोग की आवश्यकता रखी।

इस अवसर पर अमेरिका में रहने वाले एनआरआई, इस्कॉन मंदिर के प्रभुपाद, उद्योगपति एवं न्यू नवद्वीप धाम टेक्सास के संस्थापक श्री सर्वजय माधव प्रभु जी ने अपने विचार रखे। वे परम पूज्य जयपताका स्वामी महाराज के शिष्य हैं। उन्होंने कहा कि पलाना कला गांव में ठाकुर जी चारभुजानाथ श्री कृष्ण के आशीर्वाद से गौ-रक्षा, कृषि, आध्यात्मिक शिक्षा, आत्मनिर्भर ग्राम व्यवस्था और गुरुकुल व्यवस्था को बढ़ावा देकर गांव को आदर्श बनाने के लिए वे हर संभव योगदान देंगे।

उन्होंने बताया कि परम पूज्य ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद के दिव्य दृष्टिकोण के अनुरूप सादा जीवन-उच्च विचार, गौरक्षा प्रेम, कृषि आधारित आत्मनिर्भरता, प्राकृतिक खेती, ग्रामीण समुदायों का विकास, व्यावहारिक कौशल शिक्षा और सामाजिक जीवन में सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही नैतिक मूल्यों और आत्मनिर्भरता पर आधारित ग्राम विकास मॉडल तैयार करना इस पहल का प्रमुख लक्ष्य रहेगा।

सर्वजय माधव प्रभु जी ने पूरे गांव को गोद लेकर मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से आत्मनिर्भर कृष्ण भावनामृत गांव की स्थापना के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ा जा रहा है।

इस कार्य की शुरुआत शुभ धनतेरस के अवसर पर गांव के प्रभु चारभुजानाथ कृष्ण जी के आशीर्वाद से की गई। इस अवसर पर साध्वी राधा रानी जी के साथ ठाकुर जी के मंदिर में दर्शन किए गए। ठाकुर जी की कृपा, बड़े-बुजुर्गों के आशीर्वाद, युवा साथियों के सहयोग और माताओं-बहनों के आशीर्वाद से इस संकल्प को पूरा करने के लिए सर्वे कार्य और कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

कार्यक्रम के अंत में किशन जी को गांव में एनआरआई सर्वजय माधव प्रभु जी को आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया गया। धनतेरस पर शुरू हुई यह पहल गौ-रक्षा, प्राकृतिक खेती, शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर पलाना कला को आदर्श गांव बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

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