बड़वानी के दिगम्बर जैन मंदिर में 17 से 24 नवंबर तक सिद्धचक्र महामंडल विधान आयोजित होगा।

बड़वानी (म.प्र.)। धर्मप्राण नगरी बड़वानी में सिद्धों की आराधना और विश्व शांति की मंगल कामना के साथ आठ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। श्री दिगम्बर जैन मंदिर जी में मंगलवार, 17 नवंबर से 24 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक महोत्सव को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।

विगत 35 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे वर्तमान के श्रवण कुमार पत्रकार, जगत के अनमोल मणि एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राष्ट्र गौरव पारस जैन 'पार्श्वमणी' पत्रकार कोटा ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि यह विधान अंकलीकर परम्परा के चतुर्थ पट्टाचार्य परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी गुरुदेव के आशीर्वाद से सम्पन्न होगा। आयोजन में आर्यिका श्री 105 सुप्रज्ञमति माताजी, आर्यिका श्री 105 अनन्यमति माताजी एवं क्षु. श्री 105 समभावमति माताजी ससंघ 03 पिच्छिका का पावन सानिध्य प्राप्त होगा।

इस महोत्सव के प्रेरक दीपचंद रतनलाल जी पहाड़िया, 109 महात्मा गांधी मार्ग, बड़वानी हैं। वहीं, महोत्सव के पुण्यार्जक दीपचंद जी-चंदा जी पहाड़िया, रुपाली, सारिका, गौरव-अंजली, प्रबल, आद्रिक एवं समस्त पहाड़िया परिवार, बड़वानी हैं। वात्सल्य आमंत्रण स्व. श्रीमान रतनलाल जी एवं स्व. श्रीमती कमला बाई पहाड़िया की स्मृति में दिया गया है।


विधान की समस्त धार्मिक क्रियाएं इन्दौर के नगर पुरोहित एवं कुशल प्रतिष्ठाचार्य पं. श्री नितिन जी झांझरी सम्पन्न कराएंगे। वहीं, भोपाल के संगीतकार श्री पारस जैन एण्ड पार्टी द्वारा संगीतमय प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

आठ दिवसीय आयोजन के तहत 17 नवंबर को सभी इन्द्रों के साथ घटयात्रा, मंडप उद्घाटन, अभिषेक एवं शांतिधारा के कार्यक्रम होंगे। 18 नवंबर को सन्मति विधान आयोजित किया जाएगा, जबकि 21 नवंबर को सन्मति सागर जी महाराज का दीक्षा दिवस मनाया जाएगा। इसके बाद 24 नवंबर तक श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के धार्मिक आयोजन सम्पन्न होंगे।

आयोजन का मुख्य स्थल श्री दिगम्बर जैन मंदिर जी, बड़वानी रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोजन एवं आवास की व्यवस्था मृगनयनी गार्डन, दशहरा मैदान, बड़वानी में रहेगी।

पहाड़िया परिवार ने सभी धर्मानुरागी स्वजनों से सादर जय जिनेन्द्र के साथ आयोजन में पधारकर धर्मलाभ लेने की प्रार्थना की है। आयोजन से संबंधित समस्त जानकारी राष्ट्र गौरव पारस जैन 'पार्श्वमणी' पत्रकार कोटा द्वारा प्रदान की गई।

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