तस्वीर में खेरोदा के जैन स्थानक भवन में आयोजित धर्मसभा के दौरान मंच पर विराजमान संत और नीचे बैठे हुए श्रावक-श्राविकाएं नजर आ रहे हैं।

खेरोदा में आयोजित धर्मसभा में मेवाड़ उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि म.सा. ने कहा कि भवसागर से पार उतरने के लिए मनुष्य को अपने अंतर में झांकना होगा। उन्होंने आगामी दीक्षा महोत्सव में मुमुक्षु कांतिलाल गांधी की दीक्षा सहित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।

खेरोदा, 20 अगस्त 2026। खेरोदा कस्बे के जैन स्थानक भवन में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मेवाड़ उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि म.सा. ने कहा कि भवसागर से पार उतरने के लिए मनुष्य को अपने अंतर में झांकना होगा। सिद्ध, बुद्ध और मुक्त होने के लिए अंतर्मुखी होना अनिवार्य है, क्योंकि स्वयं के भीतर उतरे बिना आत्मा का कल्याण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पथ पर कष्टों को सहना ही पड़ता है। सांसारिक आसक्ति भटकाव का कारण बनती है, इसलिए मनुष्य को आत्मानुरागी और गुणानुरागी बनना चाहिए।

गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए मुनि श्री ने कहा कि सद्गुरु की शरण मिलते ही जीवन की हर उलझन सुलझ जाती है। गुरु अज्ञान का अंधकार मिटाकर ज्ञान का दीप जलाते हैं और आत्मा को परमात्मा बनने की राह दिखाते हैं।

मानवीय प्रवृत्तियों पर प्रहार करते हुए मुनि श्री ने कहा कि मनुष्य बात बिगड़ने या नाराजगी को तत्काल भांप लेता है, लेकिन मन की प्रसन्नता को पहचानने में चूक कर जाता है। संसार में अच्छाई का श्रेय खुद लेने और बुराई का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की प्रवृत्ति हावी है। जो व्यक्ति अपनी गलतियां छिपाकर सदैव दूसरों पर आक्षेप लगाता है या दूसरों को नीचा दिखाने का प्रयास करता है, वह स्वयं अपने पतन का मार्ग तैयार करता है।



 




उन्होंने स्पष्ट किया कि एक ज्ञानी और सज्जन पुरुष के लिए किसी के आगे हाथ फैलाना या मांगना मृत्यु के समान है। उन्होंने मांगने की वृत्ति छोड़कर साधना अपनाने का आह्वान किया।

सभा में अध्ययनशील, सेवारत्न हर्षित मुनि जी म.सा. ने एक साध्वी के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें परिवार से धर्म-आराधना की सहज अनुकूलता प्राप्त हो रही है। वहीं संसार में कई लोग ऐसे भी हैं, जो चाहकर भी धर्म लाभ से वंचित रह जाते हैं।

वर्द्धमान जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष सुनील कूकड़ा ने बताया कि धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर गुरुवाणी का श्रवण किया। उन्होंने बताया कि आगामी दीक्षा महोत्सव में मुमुक्षु कांतिलाल गांधी को दीक्षा दिलाई जाएगी। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए समाजजनों से अधिक से अधिक भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।

Tags: