उदयपुर में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को काकोरी क्रांति की गाथा नाट्य मंचन के जरिए जीवंत होगी। भारत माता को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए 9 अगस्त 1925 को हुई काकोरी क्रांति के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया जा रहा है। प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ और सभ्यता अध्ययन केन्द्र, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार शाम 5 बजे रवीन्द्र नाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के नवीन सभागार में 90 मिनट का नाट्य मंचन होगा।

आयोजकों के अनुसार, नाट्य मंचन के माध्यम से आज की पीढ़ी को स्वाधीनता संग्राम के संघर्ष के दौरान क्रांतिकारियों के कष्टों और उनकी जिजीविषा की अनुभूति कराई जाएगी।

प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि वर्ष 1925 में भारत मां के सपूत युवा क्रांतिकारियों के काकोरी प्रतिरोध ने पूरे देश में स्वाधीनता के लिए संघर्ष की नई ऊर्जा प्रवाहित की थी। इससे देश के कई युवा प्रेरित हुए और देश के स्वतंत्रता आंदोलन ने नई करवट ली। काकोरी प्रतिरोध के युवा क्रांतिकारी हंसते-हंसते अंग्रेज सरकार के फांसी के फंदे पर झूल गए। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर होने वाला काकोरी क्रांति गाथा नाट्य मंचन नई पीढ़ी में भारत मां के लिए सर्वस्व समर्पण का भाव संचारित करेगा।

सभ्यता अध्ययन केन्द्र राजस्थान चैप्टर के संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि आयोजन में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र और रवीन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय भी सहयोगी हैं। विभिन्न महाविद्यालयों और विद्यालयों के गुरुवरों तथा छात्र-छात्राओं को नाट्य मंचन में आमंत्रित किया गया है। उनसे अधिक से अधिक युवा विद्यार्थियों को नाट्य मंचन देखने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया गया है।

मनोज जोशी ने बताया कि आयोजन में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा मुख्य अतिथि होंगे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक अश्विन दलवी उपस्थित रहेंगे। अध्यक्षता आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन करेंगे।

स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में दर्शनार्थियों के लिए 14, 15 और 16 अगस्त को शुल्क में छूट भी रहेगी। प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि दर्शनार्थी तीनों दिन 50 रुपए शुल्क में ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के दर्शन कर सकेंगे।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर होने वाला यह 90 मिनट का नाट्य मंचन काकोरी क्रांति के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है और इसमें क्रांतिकारियों के संघर्ष, कष्ट तथा स्वाधीनता के लिए उनके समर्पण को मंच के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

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