झोपड़ी से सारोली तक सड़क बदहाल, पांच किलोमीटर मार्ग पर गड्ढों का राज
खेरवाड़ा में झोपड़ी से सारोली तक सात किलोमीटर सड़क बदहाल है। पांच किलोमीटर हिस्से में गड्ढे और उखड़ा डामर परेशानी बढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों ने सड़क के पुनर्निर्माण, डामरीकरण और जल निकासी की मांग की है।
तस्वीर में झोपड़ी से सारोली मार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढे और जर्जर हालत में फैली उखड़ी हुई सड़क दिखाई दे रही है।
झोपड़ी से सारोली तक करीब सात किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग लंबे समय से बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और डामर उखड़ चुका है। लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण वाहन चालकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम राहगीरों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार झोपड़ी से सारोली तक करीब सात किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण वर्ष 2004 में तत्कालीन विधायक नानालाल अहारी की अनुशंसा पर कराया गया था। निर्माण के बाद इतने लंबे समय में सड़क पर केवल एक बार पैचवर्क कराया गया। इसके बाद नियमित रखरखाव और मरम्मत के अभाव में सड़क लगातार जर्जर होती चली गई।
इस सड़क मार्ग के करीब दो किलोमीटर हिस्से में गौरव पथ के रूप में सीसी सड़क का निर्माण हुआ है, जिसकी स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। वहीं, शेष करीब पांच किलोमीटर सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ गया है और बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। इन गड्ढों के कारण मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
इस मार्ग की बदहाली का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों और शिक्षकों पर पड़ रहा है। सड़क के आसपास एवं इससे जुड़े क्षेत्र में संचालित विभिन्न विद्यालयों सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुलई, सारोली एवं हिका सहित उच्च प्राथमिक, प्राथमिक एवं बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं तथा शिक्षक प्रतिदिन इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। खराब सड़क के कारण उन्हें आने-जाने में काफी समय लग रहा है। बरसात के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से परेशानी और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति के कारण स्कूली बच्चों को विशेष रूप से परेशानी होती है। दोपहिया वाहनों से आने-जाने वाले शिक्षक एवं विद्यार्थी भी दुर्घटना के खतरे के बीच सफर करने को मजबूर हैं। कई जगह वाहन चालकों को गड्ढों से बचने के लिए सड़क के किनारे से निकलना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों और विद्यालयों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके बावजूद लंबे समय से इसकी सुध नहीं ली जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार केवल पैचवर्क से अब समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। सड़क की वर्तमान स्थिति को देखते हुए पूरे खराब हिस्से का नवीनीकरण एवं गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण कराया जाना आवश्यक है।
भाजपा ओबीसी देहात के पूर्व जिला अध्यक्ष भीखा लाल पटेल सहित ग्रामीणों ने संबंधित लोक निर्माण विभाग एवं प्रशासन से मांग की है कि झोपड़ी से सारोली तक पूरे सात किलोमीटर मार्ग का मौका निरीक्षण कराया जाए। साथ ही विशेष रूप से खराब पांच किलोमीटर हिस्से का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए। बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए आवश्यक नालियों एवं जल निकासी की व्यवस्था भी करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में सड़क की स्थिति और खराब हो सकती है तथा दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। विद्यालयों में आने-जाने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा तथा आमजन की सुरक्षा को देखते हुए सड़क के शीघ्र सुधार की मांग की गई है।