जयपुर के महारानी फार्म में दस लक्षण महापर्व संपन्न, 11 लोग सम्मानित
गायत्री नगर के दिगंबर जैन मंदिर में 11 दिवसीय विधान पूजा का आयोजन हुआ, समाजसेवा और धार्मिक कार्यों के लिए समाज की 11 हस्तियां सम्मानित की गईं।
जयपुर में दस लक्षण महापर्व के दौरान धार्मिक अनुष्ठान में पूजा करते श्रद्धालु।
श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर, महारानी फार्म, जयपुर में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित 11 दिवसीय दस लक्षण महापर्व भक्ति और धार्मिक आयोजनों के साथ सम्पन्न हुआ। 25 सितंबर 2026 को प्रथम अभिषेक, शांतिधारा और भगवान वासुपूज्य स्वामी के निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य सुनिला, सन्नी-मेघा झांझरी परिवार को प्राप्त हुआ। अन्य वेदियों पर गुंजन मेघा, सुनील लता, जितेंद्र पाटनी और आलोक शाह ने अभिषेक किए।
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि दस लक्षण महापर्व के तहत 10 दस लक्षण विधान का आयोजन 15 सितंबर से 25 सितंबर तक किया गया। विधान की समस्त मांगलिक क्रियाएं विधानाचार्य अजीत शास्त्री ने कराईं। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह के नेतृत्व में विधान सम्पन्न हुआ।
विधान में सोधर्म इंद्र रमेश संगीता सोगानी, कुबेर इंद्र संजय नीलम ठोलिया, महायज्ञनायक अशोक अंजू जैन विधानसभा वाले, अरुण ज्योति शाह, आलोक प्रमिला शाह, राजेश चैताली बोहरा, राकेश संगीता छाबड़ा, पदम भावना झांझरी, जितेंद्र सरिता बाकलीवाल, प्रकाश पदमा बडजात्या, वीरेंद्र सुनंदा अजमेरा, आलोक बीना चौकडायत, संतोष निर्मला गंगवाल, गैंदमल इंदिरा जैन, पं. अजीत शास्त्री नीलू जैन, रश्मि मनीष तोतूका, महावीर मंजू सेठी, अनिल अनीता पोल्यका, राजेंद्र सुमन सोगानी, आनंद अनीता बागलीवाल, विमल अर्चना लुहाडिया, अशोक विमला पापड़ीवाल, संतोष सुनीता काला, राजकुमार विमल बाकलीवाल, कैलाश मधु छाबड़ा और प्रमोद मंजू वैद ने इंद्र-इंद्राणी बनकर विधान भक्ति के साथ सम्पन्न कराया।
इस अवसर पर श्रावक श्रेष्ठी अशोक अनीता रावका, सुशीला जैन कन्नौज वाले, श्रीमती बीना अजमेरा, पुष्प लता दीपेश छाबड़ा, अजीत सरोज छाबड़ा, विमल जैन एडवोकेट सरोज बाकलीवाल, धूप चंद इन्दु वाला शाह, बसंत बीना बाकलीवाल, उदयभान जैन अनीता बडजात्या और पदम विजय लक्ष्मी पांड्या ने श्रावक श्रेष्ठी बनकर विधान अर्चना की।
मंदिर प्रबंध समिति के मंत्री राजेश वोहरा ने बताया कि विधान में श्रीमती गुणमाला, सुनील सोगानी, महावीर शाह, श्रीमती कमला दीपक बिलाला, नेमीचंद निवाई वाले, गोरी, आशीष अभय भौंसा, राजेश बीना जैन, संतोष सेठी, प्रदीप जैन, अनिल अमिता गोधा, मैना देवी, मुकेश मनोज सोगानी, कमला देवी राजेन्द्र सुनील बिल्टी वाला और रमेश संगीता लुहाडिया के साथ सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने पूजा सामग्री में सहयोग प्रदान किया। विधान पूजा भक्ति के साथ सम्पन्न हुई।
इस अवसर पर संगीतकार अविनाश शर्मा एंड पार्टी के साथ सुनंदा अजमेरा गायत्री नगर ने मधुर कंठ से विधान पूजा करवाई। भजनों के साथ भक्ति नृत्य भी कराया गया।
मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त मंत्री संजय ठोलिया ने बताया कि अनंत चतुर्दशी महापर्व के अवसर पर सुबह 5:45 बजे सामूहिक अभिषेक हुए। इसके बाद माला पहनने का सौभाग्य अशोक विनय गंगवाल को प्राप्त हुआ। संपूर्ण समाज उन्हें उनके निवास पर सम्मान सहित शोभायात्रा के रूप में लेकर गया।
इस अवसर पर समाज में मंदिर, धार्मिक और सामाजिक स्तर पर श्रेष्ठ कार्य करने वाले 11 महानुभावों को मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सम्मानित किया गया। इनमें अशोक बडजात्या, दीपक सोगानी, प्रकाश बडजात्या, गौरव शाह, अनिल बडजात्या, राजकुमार जैन सीसीएनटी, उदयभान जैन बडजात्या जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री, संतोष काला, पंकज बैनाडा, आनन्द बाकलीवाल और नम्रता जैन शामिल रहे। इनका सम्मान मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह, उपाध्यक्ष विजय सोगानी, कोषाध्यक्ष राकेश छावड़ा, संयुक्त मंत्री संजय ठोलिया, पदम झांझरी, गजेंद्र छाबडा, संतोष रावका, राकेश पाटौदी, बसंत बाकलीवाल एवं पूर्व अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, अनिल टोंग्या, राजेंद्र सोगानी, धूपचंद शाह, बीना टोंग्या और प्रमिला शाह आदि पदाधिकारियों ने किया।
विधानाचार्य पं. अजीत शास्त्री ने दस लक्षण महापर्व के अवसर पर उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, आकिंचन और उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर मंगल प्रवचन किए।
महापर्व के दौरान रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम और दोपहर में 48 दिवसीय भक्तामर पाठ का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह ने बताया कि 27 सितंबर को शाम 6:00 बजे से 6:15 बजे तक अभिषेक होंगे। इसके बाद क्षमा वाणी महोत्सव मनाया जाएगा। इसमें सभी समाजजन एक-दूसरे से गले मिलकर वर्षभर में हुई गलतियों के प्रति क्षमा याचना करेंगे।
इस तरह गायत्री नगर जैन समाज में दस लक्षण महापर्व के धार्मिक अनुष्ठानों, विधान पूजा, सांस्कृतिक आयोजनों और समाजसेवियों के सम्मान के साथ आगामी क्षमा वाणी महोत्सव की तैयारियां भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेंगी।