सम्मेद शिखर तीर्थयात्रा के लिए 501 सदस्यों का लक्ष्य, चेतन मुसलिया और निलेश दलोदा को मिली जिम्मेदारी
अखिल भारतीय दिगम्बर जैन सकल नरसिंहपुरा संस्थान 23 जनवरी 2027 को 501 सदस्यों की सम्मेद शिखर यात्रा आयोजित करेगा। चेतन मुसलिया और निलेश दलोदा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मधुबन में ठहरने, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी 29 अक्टूबर से होगी।
अखिल भारतीय दिगम्बर जैन सकल नरसिंहपुरा संस्थान की ओर से 23 जनवरी 2027 को तीर्थराज सम्मेद शिखर की यात्रा आयोजित की जाएगी। इस यात्रा में संस्थान के 501 सदस्यों को शामिल कराने का लक्ष्य रखा गया है। यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं के लिए मुख्य संयोजक चेतन मुसलिया, उदयपुर और सहसंयोजक निलेश, दलोदा, मध्यप्रदेश को नियुक्त किया गया है। परम संरक्षक कुन्ती लाल जैन ने दोनों को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
यात्रा के सुचारु संचालन के लिए कुन्ती लाल जैन ने देशभर के सदस्यों को शामिल करते हुए कोर कमेटी का गठन किया है। इसमें अनिल विशाखा और विदर्भ जैन, इंदौर; दिलीप बोलियां, महेन्द्र मऊखेडी और उमेश भड़का, मंदसौर; पंकज कलशधर, प्रतापगढ़; प्रितम जैन, अरनोद; ऊषा भोपावत, भींडर; जीवंधर हाथी, हितेश भादावत, हंस मुख गनोडिया, धनपाल गांगावत और भूपेन्द्र सिंघवी, उदयपुर; राजेश पंचोली, ऋषभदेव; प्रकाश भंवरा, हेमबुक; धर्मेन्द्र मेहता, नरोड़ा; योगेश भाई, अहमदाबाद; मेहुल शाह, वडोदरा; ऋषभ भाई, सूरत और अमन जैन, नरोड़ा को शामिल किया गया है।
यात्रा की तैयारियों के तहत मुख्य संयोजक चेतन मुसलिया के साथ कोर कमेटी के सदस्य सम्मेद शिखर महातीर्थ में ठहरने, टेंट, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की बुकिंग सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष हर्ष जैन, राष्ट्रीय महामंत्री रितेश सुरावत, सहसंयोजक निलेश दलोदा और राष्ट्रीय मंत्री जीवंधर हाथी के साथ 29 अक्टूबर 2026 को झारखंड के मधुबन, गिरिडीह के लिए रवाना होंगे। वहां ठहरने और यात्रा से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की तैयारी की जाएगी।
परम संरक्षक कुन्ती लाल जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश के यात्री 23 जनवरी 2027, शनिवार को सुबह 10 बजे शिप्रा एक्सप्रेस से तीर्थराज श्री सम्मेद शिखर जी के लिए प्रस्थान करेंगे। गुजरात के अहमदाबाद, नरोड़ा और सूरत से भी यात्रियों को रेलवे स्टेशनों से रवाना किया जाएगा।
जैन ने बताया कि मंदसौर, दलोदा और रतलाम के यात्रियों को रतलाम से सुबह जल्दी रवाना किया जाएगा। यात्रा के लिए संयोजकों और कोर कमेटी का गठन तथा ठहरने, भोजन और परिवहन से जुड़ी तैयारियां 501 संस्थान सदस्यों की तीर्थयात्रा के आयोजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।