झाड़ोल सरपंच चुनाव: तीन प्रत्याशियों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला
पूर्व सरपंच पति बंशीलाल की साख दांव पर है, जबकि बाबूलाल और महेंद्र डामोर भी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं।
तस्वीर में बाएं से बंशीलाल और बाबूलाल झाड़ोल ग्राम पंचायत सरपंच चुनाव के प्रत्याशी हैं।
झाड़ोल। ग्राम पंचायत झाड़ोल में सरपंच चुनाव को लेकर सियासी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। चुनावी मैदान में तीन प्रत्याशियों के उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय बन गया है। इस चुनाव में पूर्व सरपंच पति बंशीलाल की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, वहीं बाबूलाल और महेंद्र डामोर भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं।
पिछले कार्यकाल के विकास कार्यों और जनता के भरोसे की कसौटी पर बंशीलाल का राजनीतिक प्रभाव परखा जाएगा। पूर्व सरपंच पति होने के नाते उनके लिए यह चुनाव साख का सवाल बन गया है। वे पुराने संपर्कों और अपने प्रभाव के सहारे मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं।
दूसरी ओर, चुनाव चिन्ह स्लेट यानी पाटी लेकर मैदान में उतरे बाबूलाल ने संपूर्ण विकास के संकल्प के साथ गांव-गांव जनसंपर्क शुरू किया है। वे मतदाताओं से बदलाव के लिए समर्थन मांग रहे हैं और बंशीलाल को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। वहीं, चुनाव चिन्ह कटहल के साथ मैदान में उतरे महेंद्र डामोर भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। उनकी मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
झाड़ोल के हर गली-मोहल्ले में चुनावी समीकरणों और प्रत्याशियों की दावेदारी को लेकर चर्चा हो रही है। मतदाताओं के बीच यह सवाल बना हुआ है कि क्या पूर्व सरपंच पति बंशीलाल अपनी राजनीतिक साख बचा पाएंगे या जनता स्लेट-पाटी चुनाव चिन्ह के साथ बाबूलाल पर भरोसा जताकर बदलाव का समर्थन करेगी। इस बीच, तीनों प्रत्याशियों के तूफानी प्रचार के चलते झाड़ोल में चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। अब इस त्रिकोणीय मुकाबले में मतदाताओं का रुख निर्णायक होगा।