खाद्यान्न खरीद में डिजिटल क्रांति, पारदर्शिता के लिए केंद्र ने लागू किए नए समाधान

केंद्र सरकार ने खाद्यान्न खरीद में पारदर्शिता के लिए डिजिटल समाधान लागू किए, सांसद गरासिया के प्रश्न पर ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था की जानकारी दी।

Update: 2026-08-03 11:36 GMT

खाद्यान्न खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने एंड-टू-एंड डिजिटल समाधान लागू किए हैं। इस संबंध में राज्यसभा में सांसद चुन्नीलाल गरासिया द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने प्रौद्योगिकी आधारित खरीद व्यवस्था और ऑनलाइन स्टॉक सत्यापन की जानकारी दी।

भाजपा के वरिष्ठ नेता पारस जैन ने बताया कि सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में प्रौद्योगिकी आधारित खरीद दक्षता और ऑनलाइन स्टॉक सत्यापन को लेकर अतारांकित प्रश्न संख्या 998 के माध्यम से जानकारी मांगी थी।

प्रश्न के उत्तर में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री डॉक्टर निंमु बेन जयंती भाई बाभनिया ने बताया कि खाद्यान्न खरीद में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल समाधान लागू किया गया है। केंद्रीय खरीद डैशबोर्ड, जिओ-फेंसड मोबाइल ऐप और ऑनलाइन स्टॉक सत्यापन के माध्यम से खाद्यान्न रिसाव पर प्रभावी रोक लगी है।

उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन सीजन से राज्य खाद्यान्न खरीद पोर्टलों को एपीआई के माध्यम से केंद्रीय खाद्यान्न खरीद पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे किसानवार खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का प्रत्यक्ष बैंक अंतरण, कस्टम मिल्ड राइस तथा मिलों के पास धान की उपलब्धता की रियल-टाइम निगरानी संभव हुई है।

केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि किसान पंजीकरण डेटा का सीधे राज्य भूमि रिकॉर्ड से सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था भी लागू की गई है।

इन सभी डिजिटल समाधानों और रियल-टाइम डैशबोर्ड के उपयोग से लेखा संबंधी गड़बड़ियों में कमी आई है। इसके साथ ही राज्यों द्वारा रिपोर्ट किए जाने वाले डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता में भी वृद्धि हुई है। डिजिटल व्यवस्था से खाद्यान्न खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में सुधार हुआ है।

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