रक्षा सूत्र बाँधकर पेड़ों की रक्षा का संकल्प, विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मावली के ढाणा गांव में विद्यार्थियों ने पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल का संकल्प लेकर अनूठा संदेश दिया।
तस्वीर में ढणा गांव के विद्यालय परिसर में शिक्षक और विद्यार्थी एक पौधे के पास खड़े होकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नजर आ रहे हैं।
उपखण्ड क्षेत्र की नूरड़ा ग्राम पंचायत के ढाणा गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को रक्षाबंधन पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए अनूठी पहल की गई। विद्यालय परिसर में लगाए गए पेड़ों को विद्यार्थियों ने रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा, संवर्धन और नियमित देखभाल का संकल्प लिया।
विद्यालय परिसर में मध्यान्ह के समय आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रत्येक विद्यार्थी ने एक-एक पेड़ को अपना साथी मानते हुए उसके तने पर रक्षा सूत्र बांधा। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे इन पौधों को नियमित रूप से पानी देंगे तथा गर्मी अथवा अन्य मौसम में उनकी आवश्यकता के अनुसार विशेष देखभाल करेंगे। पौधों के बेहतर विकास के लिए जरूरत पड़ने पर जैविक खाद उपलब्ध कराने और उन्हें नुकसान से बचाने का भी संकल्प लिया गया।
विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। इसलिए पौधारोपण के साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों ने पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन पर्व भी उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को रक्षा सूत्र बांधे तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी रक्षा सूत्र बांधकर भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और आपसी सहयोग का संदेश दिया। विद्यालय परिसर में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
संस्था प्रधान दिनेश बोरीवाल ने विद्यार्थियों को पेड़ों की नियमित देखभाल के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक विद्यार्थी एक पौधे की जिम्मेदारी लेकर उसका संरक्षण करे तो विद्यालय परिसर के साथ-साथ गांव का वातावरण भी हरा-भरा और स्वच्छ बनाया जा सकता है। अध्यापिका श्रीमती अनिता गोस्वामी एवं टीना कुंवर झाला ने भी बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर गीता कुंवर, चांद कुंवर सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने रक्षाबंधन पर्व को प्रकृति संरक्षण से जोड़ते हुए विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भाव विकसित किया।