बग्गड़ में आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत आयुष मित्र व आयुष सखी को स्वास्थ्य जांच का प्रशिक्षण
आयुष विभाग ने बग्गड़ में आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत आयुष मित्र और आयुष सखी के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया। डॉ. श्वेता गुर्जर ने बीपी और ब्लड शुगर की समय पर जांच, जोखिम कारकों, बचाव और डिजिटल उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी देकर ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर दिया।
तस्वीर में आयुष आदर्श ग्राम योजना के तहत बग्गड़ स्थित राजकीय आयुर्वेद औषधालय के बाहर बैनर और पम्फलेट पकड़े हुए प्रतिभागी, चिकित्सक और ग्रामीण नजर आ रहे हैं।
खेरोदा, 29-07-2026। आयुष विभाग द्वारा आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत बग्गड़ में स्थानीय स्तर पर आयुष मित्र एवं आयुष सखी के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-संचारी रोगों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा आमजन को समय पर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार के प्रति जागरूक करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. श्वेता गुर्जर ने प्रतिभागियों को उच्च रक्तचाप (बीपी) और मधुमेह (ब्लड शुगर) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान, सटीक जांच विधि, जोखिम कारकों और बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि 30 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से अपने बीपी और ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए, ताकि इन रोगों का समय रहते पता लगाकर सही उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान सभी प्रतिभागियों को डिजिटल बीपी मशीन और ग्लूकोमीटर के उपयोग की व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) ट्रेनिंग भी दी गई, जिससे वे ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से स्वास्थ्य जांच कर सकें। साथ ही विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को संतुलित आहार अपनाने, नियमित योग एवं व्यायाम करने, तनाव प्रबंधन पर ध्यान देने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान परिचारक प्रेम सिंह सारंगदेवोत और आयुष मित्र हेमलता की विशेष उपस्थिति रही। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में गैर-संचारी रोगों के प्रति जनजागरूकता फैलाना तथा आमजन को समय पर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार के प्रति जागरूक करना है।