खेरवाड़ा के वर्धमान पब्लिक स्कूल में गुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया, गुरुजनों का हुआ सम्मान
वर्धमान पब्लिक स्कूल, नयागांव (खेरवाड़ा) में गुरु पूर्णिमा महोत्सव उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों ने गीत, कविताएं और सुविचार प्रस्तुत किए, जबकि गुरुजनों का श्रीफल, उपरना और माला पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में भोगीलाल व्यास, कमलेश कुमार जैन और गुणवन्त जैन ने अपने विचार व्यक्त किए।
तस्वीर में नयागांव स्थित वर्धमान पब्लिक स्कूल के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान शिक्षक, अतिथि और छात्र-जन समूह उपस्थित नजर आ रहा है।
खेरवाड़ा के नयागांव स्थित वर्धमान पब्लिक स्कूल में गुरु पूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय की कक्षा नर्सरी से लेकर कक्षा 10वीं तक के सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों ने गुरु महिमा पर आधारित सुंदर गीत, प्रेरणादायक कविताएं और उत्कृष्ट सुविचार प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने गुरु की असीम महिमा तथा जीवन में उनके महत्व पर प्रकाश डाला।
समारोह को संबोधित करते हुए संस्था प्रधान भोगीलाल व्यास ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाए जाने के मूल उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में गुरु के प्रति सदैव आदर और सम्मान की भावना बनाए रखने का संदेश दिया। वहीं विद्यालय के प्रबंध निदेशक कमलेश कुमार जैन ने अपने उद्बोधन में गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए शिक्षक और शिक्षार्थी (शिष्य) के बीच के पवित्र संबंध पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाज अध्यक्ष गुणवन्त जैन ने सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकवृंद को गुरु पूर्णिमा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस पावन अवसर पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों ने परंपरा के अनुसार समस्त गुरुजनों को श्रीफल (नारियल), उपरना एवं माला पहनाकर सम्मानित किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में समारोह का संचालन किया गया तथा अंत में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकगण, विद्यार्थियों और सहभागियों का धन्यवाद एवं आभार प्रदर्शन एम. भीमसिंह गरासिया ने किया। गुरु सम्मान समारोह में विद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही।