तस्वीर में खेरवाड़ा के विश्राम स्थल पर अंबाजी के पदयात्री कतारबद्ध होकर जमीन पर बैठकर भोजन करते हुए नजर आ रहे हैं।

खेरवाड़ा से होकर अंबाजी दर्शन के लिए पैदल और वाहनों से जा रहे सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए अंबाजी सेवा समिति खेरवाड़ा की ओर से रानी रोड पर विश्राम स्थल बनाया गया है। समिति पिछले 12 वर्षों से लगातार अंबाजी पदयात्रियों के लिए सेवा व्यवस्था कर रही है। इस दौरान प्रतिवर्ष करीब 6 हजार से 10 हजार यात्रियों के लिए अल्पाहार, भोजन, ठहरने, चिकित्सा और शीतल एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाती है।

अंबाजी सेवा समिति खेरवाड़ा की ओर से वर्ष 2014 से प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल की सप्तमी से द्वादशी तक छह दिनों के लिए रानी रोड पर विश्रामा का आयोजन किया जा रहा है। इन छह दिनों के दौरान अंबाजी जाने वाले पदयात्रियों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कस्बे से गुजरने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए रास्ते में विभिन्न संगठनों और संस्थाओं की ओर से भी विश्राम स्थल बनाए गए हैं।



समिति की स्थापना 12 साल पहले केवल चार संस्थापक सदस्यों चंद्रेश भोई, नारायणलाल अहारी, रोहित भनात और चंद्रपकाश अहारी ने की थी। इसके बाद समिति से लगातार लोग जुड़ते गए और वर्तमान में 150 से अधिक सदस्य, दानदाता एवं भामाशाह इससे जुड़े हैं। समिति की ओर से नकद राशि स्वीकार नहीं की जाती, बल्कि केवल सामग्री के रूप में सहयोग लिया जाता है।

भाद्रपद पूर्णिमा के दिन विभिन्न क्षेत्रों से अंबाजी पहुंचने का समय निर्धारित होता है। इसके अनुसार पदयात्री अंबे माता की ध्वजा लेकर गरबे गाते हुए दिन-रात पैदल यात्रा करते हैं और पूर्णिमा के दिन अंबाजी पहुंचते हैं। समिति की ओर से इन पदयात्रियों के लिए कस्बे में प्रतिवर्ष पांच से छह दिन तक विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं की जाती हैं। कई भामाशाह पदयात्रियों को अंबे माता की पताकाएं भी निशुल्क उपलब्ध कराकर पुण्यार्जन कर रहे हैं।

समिति सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष आयोजन 17 सितंबर से शुरू किया गया है और 21 सितंबर तक जारी रहेगा। यदि भक्तों की संख्या में वृद्धि नजर आई तो विश्रामा छठे दिन 22 सितंबर तक भी जारी रखा जाएगा। 12 वर्षों से जारी यह सेवा व्यवस्था अंबाजी पदयात्रियों के लिए भोजन, विश्राम, चिकित्सा और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का माध्यम बनी हुई है।

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