घासा में शैक्षिक महासंघ की साधारण सभा संपन्न, अर्जुन सिंह चुंडावत बने अध्यक्ष
घासा में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) की साधारण सभा में तीन वर्षों के लिए 20 सदस्यीय नवीन कार्यकारिणी गठित हुई। अर्जुन सिंह चुंडावत अध्यक्ष बने, जबकि प्रमुख पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया।
तस्वीर में जोगनिया माता मंदिर परिसर देबारी में आयोजित अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ घासा खण्ड की बैठक में उपस्थित शिक्षक और पदाधिकारी नजर आ रहे हैं।
घासा, 30 अगस्त। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) खण्ड घासा की साधारण सभा की बैठक देबारी पावर हाउस स्थित जोगनिया माता मंदिर परिसर में दो सत्रों में आयोजित हुई। बैठक में आगामी तीन वर्षों के लिए 20 सदस्यीय नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया। संगठन के विधान के अनुसार प्रमुख पांच पदों पर मनोनयन किया गया, जबकि नव निर्वाचित अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत ने सर्वसम्मति से विभिन्न शैक्षिक वर्गों से 15 सदस्यों का प्रतिनिधि के रूप में मनोनयन किया।
बैठक के प्रथम सत्र में वर्तमान कार्यकारिणी के कार्यकाल के दौरान महासंघ से संबद्ध होने के बाद संगठन की रीति-नीति में आए परिवर्तनों को स्वीकार कर उनके अनुरूप कार्य करने तथा संगठन द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इसके बाद वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करने की घोषणा की गई।
द्वितीय सत्र में आगामी तीन वर्षों के लिए घासा ब्लॉक की 20 सदस्यीय नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया। महासंघ के विधान के अनुसार कार्यकारिणी के प्रमुख पांच पदों पर जिलाध्यक्ष ने जिला कार्यकारिणी एवं प्रदेश नेतृत्व की सहमति से मनोनयन किया। बैठक में मुख्य अतिथि खंड पालक वगत राम शर्मा ने नवीन कार्यकारिणी के पांचों प्रमुख मनोनीत पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की। इसके बाद नव निर्वाचित अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत ने सर्वसम्मति से घासा खण्ड से विभिन्न शैक्षिक वर्गों के 15 सदस्यों का प्रतिनिधि के रूप में मनोनयन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महासंघ के घासा खण्ड अध्यक्ष भीम सिंह राव ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में महासंघ के संभाग संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवोत, जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला और जिला मंत्री मंगल कुमार जैन उपस्थित रहे। बैठक का संचालन धर्मेंद्र तेली ने किया।
संभाग संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवोत ने अपने उद्बोधन में कहा कि महासंघ के मूल ध्येय में राष्ट्र प्रथम है। संगठन में कोई बड़ा या छोटा नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों को संत रविदास की जीवनी से प्रेरणा देने की बात कही। उन्होंने बताया कि महासंघ देश में सर्वाधिक 13 लाख 50 हजार की सदस्यता वाला शिक्षक संगठन है और राजस्थान सदस्यता के मामले में पहले स्थान पर है।
सारंगदेवोत ने बताया कि महासंघ अपने मूल कार्यों के अलावा 15 अन्य आयामों में विभिन्न प्रकोष्ठों के माध्यम से राष्ट्र सेवा के कार्य कर रहा है। इनमें प्रार्थना सभा प्रकोष्ठ, हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ, अभिलेख, शैक्षिक, महिला प्रकोष्ठ, मीडिया प्रकोष्ठ, सेवानिवृत्ति सदस्य, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ, प्रकाशन प्रकोष्ठ, सेवा प्रकोष्ठ, पर्यावरण प्रकोष्ठ, संपर्क प्रकोष्ठ, शिक्षक सम्मान प्रकोष्ठ, समर्थ भारत आयाम प्रकोष्ठ और विमर्श प्रकोष्ठ शामिल हैं।
मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने बताया कि इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक नेता जगदीश शर्मा, उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक वाक्पीठ के अध्यक्ष नारायण लाल डांगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेखर मंडोवरा, जिला मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता, प्रधानाध्यापक वाक्पीठ के पूर्व अध्यक्ष नारायण लाल डांगी (सेवानिवृत) सहित घासा तहसील के अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
बैठक का समापन शांति पाठ के साथ हुआ। तीन वर्षीय नवीन कार्यकारिणी के गठन के साथ घासा खण्ड में महासंघ की आगामी संगठनात्मक गतिविधियों के लिए नई जिम्मेदारियां तय की गईं।