वाघा-अटारी बॉर्डर पर दिखा बड़ा फर्क, भारत की तरफ खचाखच भीड़ तो पाकिस्तान का स्टैंड रहा खाली, वायरल वीडियो ने खींचा सबका ध्यान |
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वाघा-अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ खाली रहे दर्शक स्टैंड, सामने आया वीडियो।
वाघा-अटारी बॉर्डर पर भारत और पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय सीमा की ओर दर्शकों की भारी भीड़ के विपरीत पाकिस्तानी सीमा की तरफ बने स्टैंड पूरी तरह खाली नजर आए|
स्वाधीनता दिवस के जश्न के बीच वाघा-अटारी बॉर्डर पर दोनों देशों की सीमा का एक बिल्कुल अलग ही नजारा देखने को मिला, जहां भारत की तरफ दर्शकों का उत्साह और भारी भीड़ नजर आई, वहीं पाकिस्तान की तरफ का स्टैंड पूरी तरह वीरान और सन्नाटे के आगोश में दिखाई दिया। इस वाकये का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों सीमाओं के बीच का यह बड़ा अंतर साफ तौर पर उजागर हुआ है।
भारत और पाकिस्तान ने अपने-अपने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रमों का आयोजन किया था। वाघा-अटारी सीमा पर आयोजित होने वाली परेड को देखने के लिए हमेशा से ही दोनों देशों के नागरिकों में भारी उत्सुकता रहती है। हालांकि, इस बार पाकिस्तानी हिस्से की तरफ दर्शकों की संख्या न के बराबर रही। एक अफगान नागरिक द्वारा बनाए गए इस वीडियो में दिखाया गया है कि भारतीय सीमा की तरफ दर्शकों के बैठने के स्थान पूरी तरह खचाखच भरे हुए हैं और वहां देशभक्ति के गीतों के बीच लोग जश्न का भरपूर आनंद उठा रहे हैं। इसके विपरीत, कैमरे का रुख जब पाकिस्तानी सीमा की ओर किया जाता है, तो वहां विशाल दर्शक दीर्घा पूरी तरह खाली नजर आती है और गिने-चुने लोग ही दिखाई देते हैं।
वीडियो में यह भी सामने आया कि पाकिस्तानी स्टैंड के पास लगे बड़ी स्क्रीन पर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए अतीफ असलम के गाने और कोक स्टूडियो के वीडियो चलाए जा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद वहां जनता की उपस्थिति बेहद कम रही। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की तरफ दर्शकों की यह भारी कमी नागरिकों के बीच घटती दिलचस्पी को दर्शाती है। इस वीडियो को साझा करने वाले यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे आम लोगों का अपने ही देश के आयोजनों से मोहभंग होने लगा है और वहां देशभक्ति का जज्बा अब कमजोर पड़ता दिख रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान की पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री मरियम नवाज द्वारा इसी साल इस सीमा क्षेत्र पर एक नए और आधुनिक एरिना का उद्घाटन किया गया था। इस नए निर्माण का मुख्य उद्देश्य सीमा पर पर्यटकों और दर्शकों की संख्या को आकर्षित करना था, जिसके तहत बैठने की क्षमता को भी काफी हद तक बढ़ाया गया था। इसके साथ ही वहां पार्टीशन थीम पर आधारित एक विशेष पार्क और म्यूजियम का भी निर्माण कराया गया था, ताकि अधिक से अधिक लोग वहां पहुंच सकें। हालांकि, सरकार की इतनी बड़ी कोशिशों और तमाम इंतजामों के बावजूद स्वतंत्रता दिवस के जैसे अहम मौके पर भी दर्शकों का न पहुंचना इस परियोजना की नाकामी को साफ तौर पर बयां करता है। यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं।