उत्तराखंड में दिल दहला देने वाली त्रासदी, चमोली की सुरंग में अचानक घुसा पानी, 9 मजदूरों की मौत से मचा कोहराम|
उत्तराखंड के चमोली में पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की टनल में भूस्खलन और पानी भरने से 9 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 16 को सुरक्षित निकाला गया।
राहत और बचाव कार्य के दौरान टनल के बाहर खड़े लोग और सुरक्षाकर्मी उत्तराखंड के चमोली में भूस्खलन की घटना के संदर्भ में।
उत्तराखंड के चमोली जिले में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां पीपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसी) की एक निर्माणाधीन टनल में अचानक भूस्खलन हो गया। गुरुवार शाम को हुई इस घटना के दौरान सुरंग के भीतर भारी मात्रा में मलबा और पानी भर जाने के कारण करीब 28 मजदूर फंस गए थे। इस दुर्घटना में 9 मजदूरों की जान चली गई है, जबकि राहत और बचाव अभियान के तहत 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जो देर रात तक लगातार जारी रहा।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) की टीमों को घटनास्थल पर तैनात करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बयान जारी कर कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरंग में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और बचाए गए श्रमिकों को बेहतरीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि घायल और सुरक्षित निकाले गए मजदूरों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोई कमी न रहे।
एनडीआरएफ के टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने राहत कार्यों के दौरान आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि टनल के अंदर भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था और इसके किनारों से लगातार पानी रिस रहा था, जिससे बचाव कार्य बेहद कठिन हो गया था। इसके बावजूद, बचाव टीमों ने विशेष उपकरणों और संसाधनों का उपयोग करते हुए पानी के बीच फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम पूरी मुस्तैदी से किया।
टीएचडीसी के कार्यकारी निदेशक कुमार शरद के अनुसार, जब यह हादसा हुआ उस समय टनल के भीतर 20 से 22 मजदूर अंदर मौजूद थे। घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंची आपदा प्रबंधन और सुरक्षा बलों की टीमों ने युद्धस्तर पर राहत अभियान चलाया। हालांकि कई मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू किए गए कुछ मजदूरों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। इस दुर्घटना के बाद से इलाके में शोक और चिंता का माहौल है, और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।