भोज खाने जा रहे 13 बच्चों की नाव हादसे में मौत,बिलखती मां को गले लगाकर भावुक हुईं DM वर्षा सिंह,जांच में जुटी SDRF
वैशाली के राघोपुर में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई, घटना के बाद डीएम वर्षा सिंह ने पीड़ित परिजनों से मिलकर सांत्वना दी।
वैशाली के राघोपुर में नाव हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचीं डीएम वर्षा सिंह पीड़ित महिला को सांत्वना देती हुईं।
वैशाली जिले के राघोपुर में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद जब जिला मजिस्ट्रेट (DM) वर्षा सिंह मौके पर पहुंचीं, तो वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया था, उनके रोते-बिलखते चेहरों को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। इसी दौरान एक पीड़ित महिला डीएम वर्षा सिंह से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी, जिसे देखकर डीएम वर्षा सिंह भी खुद को रोक नहीं पाईं और भावुक हो गईं। उन्होंने तुरंत उस महिला को गले से लगाकर ढाढस बंधाया।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए वैशाली की डीएम वर्षा सिंह ने बताया कि यह एक बेहद दुखद घटना है जो रात करीब 8:30 बजे घटी। शुरुआती सूचना के मुताबिक एक नाव पर 15 से 20 बच्चे सवार थे, जो बगल के गांव में भोज खाने जा रहे थे और इसी दौरान नाव पलट गई। इस हादसे में कुल 13 बच्चों की मौत की पुष्टि की गई है, जिनकी उम्र 15 साल या उससे कम थी। हालांकि, इस दुर्घटना में 7 लोग सुरक्षित बच गए जिन्हें एनएमसीएच (NMCH) भेजा गया और वे सभी स्थिर हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर एसडीआरएफ (SDRF) की टीम के साथ-साथ स्थानीय गोताखोर भी तैनात किए गए।
हादसे की खबर मिलते ही डीएम वर्षा सिंह ने मौके पर जाने से पहले अस्पताल पहुंचकर सभी मेडिकल इंतजाम दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश दिए थे। हालांकि, जब वे राघोपुर घाट पर पहुंचीं, तो माताओं की चीख-पुकार सुनकर वहां अफरातफरी का माहौल बन गया और लोगों ने प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
बुधवार की सुबह भी एसडीआरएफ की टीम लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी रही। इस भयंकर हादसे में जहां 7 लोग किस्मत से बचकर सुरक्षित बाहर आ गए, वहीं 13 मासूम बच्चों की मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नाव पहले से ही खराब थी और इसकी शिकायत प्रशासन से भी की गई थी, लेकिन समय रहते कोई सुनवाई नहीं हुई जिसका परिणाम इस बड़े हादसे के रूप में सामने आया।