शारजाह में ड्रोन हमले का शिकार हुआ तेल टैंकर: कानपुर के मर्चेंट नेवी इंजीनियर नितिन ने परिवार को फोन कर सुनाई आपबीती|
शारजाह के पास तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले में कानपुर के चीफ इंजीनियर नितिन शुक्ला घायल हो गए हैं, परिजनों ने सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है
शारजाह के पास ड्रोन हमले से क्षतिग्रस्त हुआ तेल टैंकर और inset में कानपुर के श्याम नगर निवासी घायल इंजीनियर नितिन शुक्ला के पिता राजेश शुक्ला|
शारजाह के पास बीते 9 अक्टूबर को हुए एक ड्रोन हमले में पनामा के झंडे वाला तेल टैंकर पूरी तरह तबाह हो गया है। इस टैंकर पर उत्तर प्रदेश के कानपुर के श्याम नगर निवासी चीफ इंजीनियर नितिन शुक्ला भी सवार थे। हमले की इस दर्दनाक घटना में नितिन सहित जहाज पर सवार कुल 22 लोग घायल हो गए। हालांकि, किसी तरह ये सभी लोग लाइफबोट जैकेट के सहारे अपनी जान बचाकर वहां से निकलने में कामयाब रहे और फिलहाल एक होटल में सुरक्षित ठहरे हुए हैं।
घटना के बाद से कानपुर में नितिन के परिवार में गहरी चिंता का माहौल है। उनके पिता राजेश शुक्ला ने भाजपा सांसद रमेश अवस्थी और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को जल्द से जल्द सुरक्षित देश वापस लाया जाए। पिता ने जानकारी दी कि नितिन पिछले करीब 20 सालों से मर्चेंट नेवी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उनके करियर में यह पहला मौका है जब उन्हें इस तरह की किसी गंभीर और खतरनाक समस्या का सामना करना पड़ा है। उनका जहाज पिछले चार महीनों से होमुर्ज इलाके में फंसा हुआ था।
सोमवार को नितिन की अपने पिता से फोन पर बातचीत हुई थी। नितिन ने अपने पिता को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वह बिल्कुल परेशान न हों और मां तथा पत्नी अंकिता का विशेष ध्यान रखें। नितिन ने यह भी भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही सुरक्षित अपने घर लौट आएंगे। ड्रोन हमले के तुरंत बाद संबंधित कंपनी की तरफ से नितिन की पत्नी अंकिता को फोन करके इस घटना की सूचना दी गई थी। इसके बाद रविवार को खुद नितिन ने अपनी पत्नी को फोन करके अपने सुरक्षित होने की खबर दी।
पेशे से प्राइमरी स्कूल टीचर अंकिता ने बताया कि पिछले तीन दिनों से जहाज को वहां से हटाने की धमकियां मिल रही थीं। नितिन अक्सर फोन पर बातचीत के दौरान अपने आसपास मिसाइलें गिरने की बात भी बताया करते थे। हमले के वक्त भी नितिन ने अपनी पत्नी से परिवार का पूरा ख्याल रखने और हिम्मत बनाए रखने की बात कही थी। बेटे की सुरक्षित वापसी और सलामती के लिए सोमवार को नितिन के माता-पिता राजेश शुक्ला और उनकी पत्नी साधना ने कूष्मांडा देवी मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और दुआ मांगी।
परिवार में नितिन के अलावा उनके माता-पिता, छोटा भाई सार्थक और बहन नित्या हैं, जो पनकी इलाके से पार्षद हैं। इसके अलावा नितिन के अपने दो बच्चे बेटी शानवी और बेटा वरदान हैं। पूरा परिवार और स्थानीय लोग अब सरकार और प्रशासन से यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि नितिन शुक्ला और उनके अन्य साथी जल्द से जल्द सुरक्षित अपने घर वापस लौट सकें।