यह तस्वीर USCIRF कमिश्नर आसिफ महमूद के मोहन भागवत से मुलाकात के लिए तैयार होने वाले बयान के संदर्भ में है।

वॉशिंगटन: यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) के कमिश्नर डॉ. आसिफ महमूद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उसके प्रमुख मोहन भागवत को लेकर नया बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें मौका मिलता है, तो वह RSS प्रमुख मोहन भागवत से मिलने के लिए तैयार हैं। महमूद का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले वह RSS पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर चुके हैं।

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में आसिफ महमूद ने कहा कि अगर मुलाकात का अवसर मिलता है, तो वह मोहन भागवत के साथ बैठकर बातचीत करने और जागरूकता बढ़ाने में खुशी महसूस करेंगे। उन्होंने कहा, “अगर मौका मिलता है तो मैं निश्चित रूप से उनसे मिलने के लिए तैयार रहूंगा। अगर इंतजाम हो सके तो हमें उनके साथ बैठकर बात करने और जागरूकता बढ़ाने में खुशी होगी।”

RSS पर प्रतिबंध की मांग कर चुके हैं महमूद

आसिफ महमूद का यह बयान उनके पहले के रुख के संदर्भ में सामने आया है। वह इससे पहले RSS पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर चुके हैं। ऐसे में मोहन भागवत से मिलने की उनकी इच्छा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

हालांकि, अपने ताजा इंटरव्यू में महमूद ने भारत और RSS से जुड़े अपने रुख के साथ-साथ पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर उनका रिकॉर्ड स्पष्ट है और उन्होंने कई बार वहां अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।

पाकिस्तान पर भी उठाई आवाज

USCIRF कमिश्नर ने पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर कई बार मुद्दे उठाए गए हैं। उनके मुताबिक, जब इन देशों के अधिकारी अमेरिका आए हैं, तब भी इन मुद्दों को उठाया गया है।

महमूद ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान और चीन की आलोचना की है और USCIRF ने इन देशों से जुड़े मामलों पर सुनवाई भी की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों से संबंधित धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों को आगे भी उठाया जाता रहेगा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तानी अधिकारियों के उच्चस्तरीय दौरों के दौरान व्हाइट हाउस या अमेरिकी विदेश विभाग के सामने भी इन चिंताओं को उठाया गया है, तो उन्होंने कहा कि USCIRF ने पाकिस्तान के मामले में कई बार रिकॉर्ड पर अपनी चिंताएं रखी हैं।

हिंदू लड़कियों के मुद्दे पर खास जोर

आसिफ महमूद ने पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों से जुड़े मामलों पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई है।

उन्होंने कहा कि उनकी चिंता केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं है। पाकिस्तान में ईसाइयों, सिखों और अहमदिया मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों का भी उन्होंने उल्लेख किया।

महमूद ने कहा कि USCIRF ने कई बार इन समुदायों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से हिंदू लड़कियों के धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों को चिंताजनक बताया।

पाकिस्तान और चीन को CPC घोषित करने की सिफारिश

आसिफ महमूद ने यह भी कहा कि USCIRF ने पाकिस्तान और चीन को “Countries of Particular Concern” (CPC) के रूप में नामित करने की सिफारिश की है। यह अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता नीति में इस्तेमाल होने वाली एक श्रेणी है, जिसके तहत उन देशों को चिन्हित किया जाता है जहां धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन की स्थिति बताई जाती है।

महमूद के अनुसार, पाकिस्तान लंबे समय से CPC सूची में रहा है। उन्होंने कहा कि USCIRF की सिफारिश को स्वीकार करने में अमेरिकी विदेश विभाग को काफी समय लगा।

इस पूरे घटनाक्रम में आसिफ महमूद का मोहन भागवत से मुलाकात के लिए तैयार होने वाला बयान खास चर्चा में है। एक तरफ वह पहले RSS पर प्रतिबंध की मांग कर चुके हैं, वहीं अब उन्होंने कहा है कि मौका मिलने पर वह मोहन भागवत के साथ बैठकर बातचीत करने के लिए तैयार हैं।