कानपुर में एक्सपायर्ड चॉकलेट का ढेर देख मची लूट जैसी अफरा-तफरी, खाद्य विभाग ने फैक्ट्री की सील|
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कानपुर के पनकी इलाके में सड़क किनारे एक्सपायर चॉकलेट और टॉफी फेंके जाने के मामले में सुधा सेल्स फर्म की फैक्ट्री को सील कर दिया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी द्वारा कानपुर के पनकी स्थित फैक्ट्री परिसर को सील करने और जांच करने के संदर्भ में।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में लापरवाही और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक तंत्र को भी हरकत में ला दिया है। मामला कानपुर के पनकी इलाके का है, जहां सड़क किनारे भारी मात्रा में खराब हो चुकी टॉफियां और चॉकलेट फेंक दी गई थीं। इन फेंके गए मीठे खाद्य पदार्थों को बटोरने के लिए सड़क पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें लोग बोरे और बैग भरकर एक्सपायर हो चुकी चॉकलेट ले जाते हुए दिखाई दिए थे। इस वायरल वीडियो ने न केवल स्थानीय प्रशासन का ध्यान खींचा, बल्कि खाद्य सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सख्त कदम उठाया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेने के बाद विभाग की एक विशेष टीम ने मामले की गहन जांच शुरू की। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा संजय प्रताप सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से बताते हुए कहा कि सड़क पर बिखरे पड़े पैकेट और रैपर की बारीकी से जांच की गई, जिससे उस फैक्ट्री की पहचान करने में मदद मिली जिसकी तरफ से यह सामग्री फेंकी गई थी।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि पनकी के इस्पात नगर स्थित 'सुधा सेल्स' नामक फर्म द्वारा इस कन्फेक्शनरी को सड़क किनारे डंप किया गया था। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया। सहायक आयुक्त संजय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के वक्त फैक्ट्री का मालिक शहर से बाहर था। उन्होंने यह भी बताया कि मालिक के वापस लौटने और अधिकारियों द्वारा दोबारा परिसर का विधिवत निरीक्षण किए जाने के बाद ही कंपनी को अपना परिचालन फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। विभाग ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इस सील के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या उसे तोड़ने का प्रयास किया गया, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरी कार्रवाई पनकी औद्योगिक क्षेत्र में कथित तौर पर वीडियो वायरल होने के तीन दिन बाद अमल में लाई गई है। वायरल वीडियो में यह साफ तौर पर देखा गया था कि सड़क पर फेंकी गई चॉकलेट और टॉफी के ढेर के आसपास किस तरह अफरातफरी का माहौल था। लोग मोटरसाइकिल और कारों से मौके पर पहुंचे थे और बोरे भरकर सामग्री अपने साथ ले जा रहे थे, जिसके कारण उस मार्ग पर यातायात भी पूरी तरह से बाधित हो गया था। इस अराजक स्थिति के बाद पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलग-अलग जांच शुरू की थी ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सामग्री कब और किसकी लापरवाही से फेंकी गई थी।
प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान घटनास्थल पर जो रैपर मिले थे, वे पूरी तरह से फटे हुए और कीचड़ से सने हुए थे। विभाग इस बात की भी गहराई से जांच कर रहा है कि क्या यह मीठा खाद्य पदार्थ पूरी तरह से उपभोग के अयोग्य हो चुका था। पुलिस और प्रशासन की यह संयुक्त कार्रवाई इस बात का प्रतीक है कि खाद्य सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।