शिवमोग्गा दशहरा जुलूस में हाथी बेकाबू, चांदी की अंबारी क्षतिग्रस्त, सोने की 6 चूड़ियां गायब|
कर्नाटक के शिवमोग्गा में जंबू सवारी के दौरान हाथी सोमन्ना बेकाबू हो गया। घटना में चांदी की अंबारी क्षतिग्रस्त हुई और देवी की छह सोने की चूड़ियां गायब मिलीं।
कर्नाटक के शिवमोग्गा में दशहरा जुलूस के दौरान हाथी सोमन्ना के बेकाबू होने के बाद चांदी की अंबारी क्षतिग्रस्त हो गई।
कर्नाटक के शिवमोग्गा में दशहरा उत्सव के दौरान निकाली जा रही जंबू सवारी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब देवी चामुंडेश्वरी की मूर्ति वाली चांदी की अंबारी लेकर चल रहा सोमन्ना नाम का हाथी अचानक बेकाबू हो गया। हाथी शहर की सड़कों पर तेजी से इधर-उधर भागने लगा, जिसके कारण जुलूस को बीच में ही रोकना पड़ा। इस घटना में करीब 650 किलोग्राम वजनी चांदी की अंबारी जमीन पर गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा, देवी चामुंडेश्वरी को पहनाई गई सोने की छह चूड़ियां भी गायब मिलीं। हाथी के बेकाबू होने के दौरान आसपास खड़े कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने और हाथी को नियंत्रित करने की कोशिश की।
शिवमोग्गा में दशहरा उत्सव के दौरान जंबू सवारी का विशेष महत्व है। इस आयोजन में हाथी पर सजाई गई अंबारी में देवी चामुंडेश्वरी की मूर्ति को रखकर जुलूस निकाला जाता है। इस बार 35 वर्षीय हाथी सोमन्ना को अंबारी उठाने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसे वन विभाग के अधिकारियों ने सकरेबैलु हाथी शिविर से बुलाया था। जानकारी के अनुसार, जुलूस में मुख्य हाथी की भूमिका निभाने वाले सागर के पैर में चोट लग गई थी। इसी वजह से अंतिम समय में सोमन्ना को उसकी जगह शामिल किया गया। इस बार सोमन्ना को पहली बार देवी की मूर्ति वाली चांदी की अंबारी उठाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
जुलूस की शुरुआत दोपहर करीब 2:30 बजे हुई। शिवमोग्गा के विधायक एस.एन. चन्नाबसप्पा ने देवी चामुंडेश्वरी को फूल अर्पित किए, जिसके बाद जंबू सवारी आगे बढ़ी। शुरुआत में कार्यक्रम सामान्य रूप से चल रहा था। हाथी सोमन्ना अपनी पीठ पर अंबारी लेकर कोटे रोड पर जैन भवन तक पहुंचा। उसके आगे सागर नाम का हाथी चल रहा था, जबकि बहादुर नाम का हाथी पीछे मौजूद था। पूरे रास्ते वन विभाग के कर्मचारी और पुलिसकर्मी हाथियों के साथ चल रहे थे। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारी रस्सियों के सहारे हाथियों को संभाल रहे थे।
जुलूस जब गांधी बाजार इलाके के पास पहुंचा, तब अचानक स्थिति बदल गई। वहां मौजूद भारी भीड़ और तेज शोर-शराबे के बीच सोमन्ना घबरा गया। इसके बाद वह तेजी से भागने लगा। हाथी को संभालने के लिए आसपास मौजूद कर्मचारियों ने प्रयास किए, लेकिन वह आगे बढ़ता हुआ संकरी गलियों में घुस गया। बताया गया कि हाथी उस स्थान की ओर लौटने की कोशिश कर रहा था, जहां उसे सामान्य रूप से बांधा जाता था, लेकिन इस दौरान वह रास्ता बदलकर दूसरी ओर चला गया। उसके अचानक भागने से आसपास मौजूद लोगों को परेशानी हुई और इलाके में अफरा-तफरी फैल गई।
हाथी के तेजी से भागने के दौरान उसकी पीठ पर रखी चांदी की अंबारी फिसलकर जमीन पर गिर गई। करीब 650 किलोग्राम वजनी इस अंबारी को देवी चामुंडेश्वरी की मूर्ति के साथ जुलूस में ले जाया जा रहा था। अंबारी गिरने से उसे नुकसान पहुंचा। आसपास खड़े कई वाहनों को भी क्षति हुई। हाथी के बेकाबू होने के बाद पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने जुलूस को रोक दिया। कर्मचारियों ने भीड़ को घटनास्थल से दूर रखने और प्रभावित इलाके को सुरक्षित करने की कोशिश की, ताकि हाथी को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
सोमन्ना को शांत करने के लिए पशु चिकित्सक डॉ. आनंद और डॉ. मुरली मनोहर को बुलाया गया। चिकित्सकों ने हाथी को शांत करने के लिए सेडेटिव दवा दी, लेकिन इसके बाद भी वह कुछ समय तक इधर-उधर भागता रहा। अधिकारियों ने स्थिति संभालने के लिए जुलूस में शामिल दूसरे हाथियों सागर और बहादुर की मदद लेने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद सोमन्ना कोटे सीतारामंजनेय मंदिर के पास एक गली में पहुंच गया। वहां उसे जंजीरों से बांधकर नियंत्रित किया गया। अधिकारियों के अनुसार, करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। हाथी को शांत करने के प्रयास के दौरान उसके महावत को भी चोटें आईं।
इस घटना के बाद देवी चामुंडेश्वरी को पहनाई गई सोने की चूड़ियों के गायब होने का मामला भी सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि देवी को कुल आठ सोने की चूड़ियां पहनाई गई थीं। घटना के बाद इनमें से केवल दो चूड़ियां ही मिलीं, जबकि बाकी छह का पता नहीं चल पाया। चांदी की अंबारी को नुकसान पहुंचने और सोने की चूड़ियों के गायब होने के मामले में अधिकारियों की जांच महत्वपूर्ण है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि चूड़ियां किस परिस्थिति में गायब हुईं या उनका पता लगाने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
शिवमोग्गा के डिप्टी कमिश्नर प्रभु लिंगा कवलीकट्टी ने इस घटना को अप्रत्याशित और आकस्मिक बताया। वहीं, शिवमोग्गा के पुलिस अधीक्षक बी. निखिल ने पत्रकारों को बताया कि मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की जानकारी नहीं है। हालांकि, कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा है। पुलिस और संबंधित अधिकारी घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहे हैं। दशहरा जुलूस के दौरान हुई इस घटना में हाथी को नियंत्रित करने के लिए काफी प्रयास करने पड़े। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त अंबारी और गायब हुई छह सोने की चूड़ियों का मामला भी सामने आया है।