पत्रकारिता की आड़ में घिनौना धंधा- प्यारे मियां को 10 अलग-अलग मामलों में उम्रकैद, जानें कैसे खुला था खौफनाक राज|
भोपाल कोर्ट ने नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण मामले में पूर्व अखबार मालिक प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद और 77.64 लाख का जुर्माना सुनाया है।
नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में दोषी पाए जाने के बाद पूर्व अखबार मालिक प्यारे मियां पुलिस हिरासत में नजर आ रहे हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बहुत बड़ा और सख्त न्यायिक फैसला सामने आया है, जहां नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के कुख्यात मामले में पूर्व अखबार मालिक प्यारे मियां को अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी प्यारे मियां ने पांच नाबालिग बच्चियों और लड़कियों का दैहिक यौन शोषण किया था और उनके गुप्त तरीके से आपत्तिजनक वीडियो भी बनाए थे। इस बेहद गंभीर और घिनौने अपराध के लिए भोपाल की विशेष अदालत ने 78 वर्षीय प्यारे मियां को 10 अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा देने के साथ-साथ 77.64 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया है। इस कठोर सजा के बाद अब उसकी जेल से कभी बाहर आने की कोई संभावना नहीं बची है।
अभियोजन पक्ष और अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, पॉक्सो अधिनियम के तहत सुनाई गई इन सजाओं में से आठ सजाएं जीवन पर्यंत यानी आजीवन कारावास रहेंगी और शेष दो सजाएं उम्रकैद की हैं, जो सभी एक साथ चलाई जाएंगी। अदालत ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस उम्र में एक बुजुर्ग व्यक्ति को समाज की बच्चियों की देखभाल और उनकी रक्षा करनी चाहिए थी, उस उम्र में वह उन मासूमों के लिए डर और असुरक्षा का कारण बन गया, और यह अपराध अत्यधिक क्रूर व असहनीय श्रेणी का है। इस पूरे काले कारनामे में प्यारे मियां की मुख्य राजदार और सहयोगी राबिया बी को भी अदालत ने दोषी माना है और उसे सह-अपराधी होने के नाते 20 साल की कठोर सजा सुनाई है। हालांकि, कानूनी प्रावधानों के तहत राहत पाने के लिए आरोपी उच्च न्यायालय का रुख कर सकता है।
जांच और सुनवाई के दौरान यह अहम बात सामने आई कि प्यारे मियां साल 2014 से ही मासूम और गरीब घर की लड़कियों को अपना आसान शिकार बना रहा था। वह भोपाल या अन्य आसपास के इलाकों से गरीब परिवारों की लड़कियों को अच्छी नौकरी और पैसों का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद उन्हें एक गुप्त फ्लैट में रखता था और रसूखदार लोगों की हाई-प्रोफाइल पार्टियों में भी भेजता था। वह जबरन उनके साथ संबंध बनाता था और छुपकर लगाए गए कैमरों से उनके वीडियो रिकॉर्ड करके उन्हें लगातार ब्लैकमेल करता तथा उनसे अवैध उगाही करता था। उसकी इस घिनौनी करतूत में राबिया बी उसका पूरा साथ निभाती थी, जो इन लड़कियों पर कड़ी नजर रखती थी और प्यारे के सभी अनैतिक कामों से पूरी तरह वाकिफ रहती थी।
यह पूरा सनसनीखेज मामला 11 जुलाई 2020 को तब प्रकाश में आया जब भोपाल के बावड़िया कलां स्थित एक फ्लैट में एक लड़की को बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाया गया था। उस फ्लैट में प्यारे मियां पहले से मौजूद था और उसने लड़की को जबरन शराब पिलाकर उसके साथ गलत हरकत की। गनीमत यह रही कि उस फ्लैट में पहले से कुछ अन्य लड़कियां भी मौजूद थीं, जो किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से बाहर निकलने में कामयाब हो गईं। वे सभी लड़कियां नशे की हालत में थीं और जब सड़क पर गश्त कर रही पुलिस ने उन्हें संदिग्ध हालत में रोका और पूछताछ की, तो इस पूरे काले कारोबार और दरिंदगी के राज से एक-एक करके पर्दा उठ गया। इसके बाद पीड़ित बच्चियों की विधिवत शिकायत और उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने प्यारे मियां के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
आरोपी प्यारे मियां भोपाल से एक स्थानीय अखबार का प्रकाशन करता था। वह इसी अखबार और अपनी पत्रकारीय आड़ में अपने इस घिनौने काम को बेखौफ अंजाम देता था और अपने रसूख तथा राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके हर बार कानून की पकड़ से बच निकलता था। हालांकि, इस भयंकर खुलासे के बाद राज्य सरकार ने तुरंत उसकी प्रेस मान्यता रद्द कर दी थी, और तत्कालीन शिवराज सरकार के कार्यकाल में प्रशासन ने आरोपी प्यारे मियां के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई भी की थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद प्यारे मियां पुलिस की पकड़ से बचने के लिए तुरंत फरार हो गया था और देश छोड़कर विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस टीमों ने लगातार दबिश देकर उसे आखिरकार श्रीनगर से धर दबोचा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उसके पास से कई गुप्त वीडियो और आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए थे। विशेष लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत ने इस बात की पुष्टि की है कि अदालत द्वारा सारे आरोप पूरी तरह संदेह से परे साबित पाए जाने के बाद प्यारे मियां को यह ऐतिहासिक और कड़ी सजा सुनाई गई है।