संवैधानिक पद पर पीएम मोदी के 25 साल पूरे: वडोदरा में वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी और काशी में विशेष जलाभिषेक|
पीएम मोदी के 25 साल पूरे होने पर वडनगर, वडोदरा और वाराणसी में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
संवैधानिक पद पर 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों और तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चित्र।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के मुखिया के रूप में संवैधानिक पद पर अपने 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से शुरू हुआ यह सफर आज 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनने तक लगातार जारी है। इस ऐतिहासिक अवसर पर दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना करने के साथ ही उनके जन्मस्थान वडनगर, कर्मभूमि वडोदरा और संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विभिन्न विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान वडनगर में आज शाम शर्मिष्ठा तालाब पर भव्य आरती का आयोजन रखा गया है, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी तालाब से जुड़ा उनका बचपन का एक प्रसंग भी प्रसिद्ध है, जब वह मगरमच्छ का बच्चा पकड़कर घर ले आए थे और बाद में अपनी मां हीराबा के कहने पर उसे वापस तालाब में छोड़ दिया था। इसके साथ ही, 17 सितंबर को उनके जन्मदिन के अवसर पर वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर के बीच शुरू हुई बाइक यात्राएं भी अपने पड़ाव पर पहुंच चुकी हैं, और यात्रा में शामिल प्रतिभागी इन समारोहों में हिस्सा ले रहे हैं।
वडोदरा में इस उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए 'विकसित भारत संकल्प गरबा' का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रसिद्ध गायक अतुल पुरोहित के गायन पर बड़ी संख्या में लोग गरबा खेलकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगे। वडोदरा महानगर पालिका (वीएमसी) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छता की शपथ के साथ विकसित भारत के संकल्प, नारी वंदन और मां आद्याशक्ति की आराधना की जाएगी।
दूसरी ओर, उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए गए हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक के साथ गुजरात से पहुंची बाइक यात्रा का स्वागत किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, युवा मोर्चा अध्यक्ष हेमांग जोशी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और असम के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे।
7 अक्टूबर 2001 को जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की पहली शपथ ली थी, तब वे विधायक भी नहीं थे। पार्टी नेतृत्व द्वारा केशुभाई पटेल की जगह जिम्मेदारी दिए जाने के बाद उन्होंने गांधीनगर के सेक्टर 17 स्थित टाउन हॉल कॉम्पलेक्स के परिसर में सार्वजनिक रूप से शपथ ली थी और बाद में राजकोट सीट से उपचुनाव जीतकर विधायक बने थे। तब से लेकर आज तक सार्वजनिक पद पर उनके 25 वर्ष पूरे होना भारतीय राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।