अहमदाबाद क्राइम ब्रांच द्वारा मुरैना हत्याकांड के फरार आरोपी रामू सिंह को गुरुग्राम से गिरफ्तार करने के बाद का दृश्य।

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में तीन साल पहले हुए बहुचर्चित हत्याकांड के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी रामू सिंह को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पिछले तीन वर्षों से अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में छुपकर रह रहा था और वर्तमान में गुरुग्राम के एक गोदाम में मजदूर के रूप में काम कर रहा था।

लेपा गांव में हुई थी छह लोगों की निर्मम हत्या

यह सनसनीखेज घटना मई 2023 की है, जो मुरैना जिले के लेपा गांव में घटी थी। एक शादी समारोह के दौरान जमीन के पुराने विवाद और पुरानी रंजिश के चलते एक गुट ने दूसरे परिवार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। इस खूनी संघर्ष में खुलेआम तीन पुरुषों और तीन महिलाओं की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना का एक स्थानीय व्यक्ति ने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया था, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, यह पूरा हत्याकांड लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद और बदले की भावना का परिणाम था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2013 में इसी विवाद के चलते रामू सिंह के रिश्तेदारों—बीरभान सिंह, मुंसीसिंह तोमर और सोबरन सिंह की भी हत्या कर दी गई थी। इन्ही पुरानी मौतों का बदला लेने के लिए रामू सिंह और उसके साथियों ने रंजीत सिंह मुन्ने सिंह तोमर के परिवार को निशाना बनाया था।

कई राज्यों में भेष बदलकर रहा आरोपी

घटना के बाद मुरैना के सिहोनिया पुलिस स्टेशन में हत्या, हत्या की कोशिश, दंगा, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत कुल नौ लोगों को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया गया था। फरार आरोपियों की तलाश के लिए मुरैना एसपी द्वारा एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस ने रामू सिंह की सटीक सूचना देने वाले के लिए 30,000 रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी।

पूछताछ के दौरान रामू सिंह ने खुलासा किया कि वारदात को अंजाम देने के बाद वह लगातार अपनी पहचान बदलकर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा जैसे विभिन्न राज्यों में घूमता रहा। इस दौरान उसने पुलिस की पकड़ से बचने के लिए कभी सुरक्षा गार्ड (सिक्योरिटी गार्ड) तो कभी सामान्य दैनिक वेतन भोगी मजदूर के रूप में काम किया। हाल ही में वह गुरुग्राम के गोपालपुर जीआईडीसी इलाके में स्थित एक गोदाम में मजदूरी कर रहा था।

क्राइम ब्रांच और पुलिस की कार्रवाई

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को एक गुप्त सूत्र से मुखबिर के जरिए रामू सिंह के गुरुग्राम में छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने गढ़ी-हसरूर रोड पर स्थित गोदाम के आसपास कड़ी निगरानी रखी और उसे दबोच लिया।

क्राइम ब्रांच ने मुरैना मामले में उसकी संलिप्तता और पहचान की पुष्टि कर ली है। आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ के लिए सिहोनिया पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, रामू सिंह पर मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गोरमी पुलिस स्टेशन में साल 2021 में दर्ज हत्या के प्रयास और दंगे से जुड़ा एक अन्य मामला भी पहले से दर्ज है।