मध्य प्रदेश के सबसे अमीर उद्योगपति विनोद अग्रवाल इंदौर में अपने कारोबार और संपत्ति के संदर्भ में चर्चा में हैं।

हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 (Hurun India Rich List 2026) के आंकड़े सामने आ गए हैं, और मध्य प्रदेश के सबसे अमीर कारोबारियों की इस सूची में एक बार फिर उद्योगपति विनोद अग्रवाल का नाम शीर्ष पर बना हुआ है। पिछले पांच सालों से लगातार एमपी के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज विनोद अग्रवाल के पास ही है। इस साल उनकी कुल संपत्ति बढ़कर 10,200 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि पिछले साल 2024 में उनकी कुल संपत्ति 7,100 करोड़ रुपये आंकी गई थी। हालांकि वे मध्य प्रदेश में पहले पायदान पर हैं, लेकिन पूरे देश भर की सूची में उनका रैंक 365वां है। मूल रूप से इंदौर के रहने वाले विनोद अग्रवाल मुख्य रूप से कोल (कोयला) कारोबार से जुड़े हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में उनका बिजनेस फैला हुआ है। इसके अलावा वह अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में भी अपने हाथ आजमा रहे हैं।

मध्य प्रदेश के सबसे अमीर लोगों की इस सूची में इस बार भी इंदौर का भारी दबदबा देखने को मिला है। इस टॉप लिस्ट में अकेले इंदौर के छह उद्योगपति शामिल हैं, जबकि राजधानी भोपाल से पांच नाम जगह बना पाए हैं। भोपाल के कुछ बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में पिछले साल के मुकाबले इस बार गिरावट भी दर्ज की गई है। इंदौर के ही अनुराग मूंदड़ा इस सूची में दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में उभरे हैं। उजास एनर्जी के मालिक अनुराग मूंदड़ा की संपत्ति में जबरदस्त तेजी आई है, जहां साल 2025 में उनकी संपत्ति 3,410 करोड़ रुपये थी, वहीं 2026 में बढ़कर 4,800 करोड़ रुपये हो गई है।

अगर मध्य प्रदेश के अन्य बड़े उद्योगपतियों की बात करें, तो शक्ति पंप्स के दिनेश पाटीदार के पास 3,100 करोड़ रुपये की संपत्ति है। वहीं, राजधानी भोपाल से सबसे अमीर उद्योगपति दिलीप सूर्यवंशी हैं, जिनकी कंपनी दिलीप बिल्डकॉन का कारोबार है, हालांकि पिछले साल उनकी संपत्ति 4,430 करोड़ रुपये थी जो घटकर इस बार 3,500 करोड़ रुपये रह गई है और वे राज्य की कुल सूची में चौथे स्थान पर हैं। इसके अलावा भोपाल के ही बंसल ग्रुप के अनिल और सुनील बंसल के पास 2,200 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि दिलीप बिल्डकॉन से जुड़े देवेंद्र जैन के पास 2,300 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज की गई है। लगातार बढ़ती संपत्ति और नए व्यावसायिक विस्तार के साथ मध्य प्रदेश के इन दिग्गज उद्योगपतियों ने देश के आर्थिक पटल पर अपनी मजबूत पकड़ बरकरार रखी है।