ओमान तट के पास MV Cape Dao कमर्शियल जहाज पर हमला, एक भारतीय नागरिक की मौत और 19 सुरक्षित बचाए गए|
ओमान के पास कमर्शियल जहाज एमवी केप दाओ पर हुए हमले में एक भारतीय की मौत हो गई है, जबकि 19 नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है।
ओमान के पास समंदर में कमर्शियल जहाज पर हुए हमले और आग लगने की घटना को दर्शाता दृश्य, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है।
समुद्र की लहरों के बीच एक बार फिर मानवता को झकझोर देने वाली और बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ ओमान के पूर्वी तट के पास एक कमर्शियल जहाज को बेरहमी से निशाना बनाया गया है। इस खतरनाक हमले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त आधिकारिक जानकारियों के मुताबिक, जिस कमर्शियल जहाज एमवी केप दाओ (MV Cape Dao) पर यह हमला हुआ, उस पर कुल 20 भारतीय नागरिक सवार होकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। इस अचानक हुए भीषण हमले के बाद जहाज पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
राहत की बात यह रही कि त्वरित बचाव अभियानों और आपसी तालमेल के चलते इस जहाज पर सवार 20 में से 19 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हालांकि, इस पूरी त्रासदी का सबसे दुखद पहलू यह है कि इस भयानक हमले में एक भारतीय नागरिक ने अपनी जान गंवा दी है। देश के लिए यह एक अपूर्णीय क्षति है, और इस घटना ने प्रभावित परिवार के साथ-साथ पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है।
इस गंभीर घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक विस्तृत बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हम इस दुखद हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक के परिवार के साथ पूरी सहानुभूति रखते हैं और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। इसके साथ ही, ओमान में स्थित भारतीय दूतावास इस पूरी स्थिति पर बेहद बारीकी से नजर बनाए हुए है और भारतीय नाविकों की सुरक्षित एवं जल्द वापसी सुनिश्चित करने के लिए ओमान के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है। भारत सरकार ने इस मुश्किल समय में मदद और सहयोग प्रदान करने वाले ओमान के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया है।
विदेश मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर कमर्शियल जहाजों को लगातार निशाना बनाया जाना बेहद चिंता का विषय है। इस तरह की घटनाएं न केवल नाविकों की जान को खतरे में डालती हैं, बल्कि वैश्विक व्यापार और शांति को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं। भारत ने तनाव को कम करने और क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति बहाल करने के लिए एक बार फिर बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपनी पुरजोर अपील दोहराई है। मंत्रालय का मानना है कि कमर्शियल जहाजों, नाविकों और आम नागरिकों के लिए बने बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का सिलसिला अब पूरी तरह बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर जहाजों की आवाजाही और व्यापार बिना किसी बाधा या रुकावट के जल्द से जल्द फिर से शुरू होने चाहिए, ताकि समंदर में सुरक्षित माहौल कायम हो सके।
समुद्री सुरक्षा के लिहाज से यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल जहाजों पर हमलों का सिलसिला लगातार देखा गया है। आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले भी कई जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है, जिसमें 5 मार्च 2026 को बहामास के झंडे वाले जहाज पर हमला हुआ था, 6 मार्च 2026 को होर्मुज क्षेत्र में यूएई के पोत मुस्तफा-2 को निशाना बनाया गया, 7 मार्च 2026 को मार्शल आइलैंड्स के जहाज को शिकार बनाया गया, और 10 मार्च 2026 को थाईलैंड के एक जहाज पर भी खतरनाक अटैक किया गया था। इन लगातार हो रही घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जल सीमाओं में नाविकों की सुरक्षा के लिए कड़े और ठोस कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता है।